उत्तराखंड की राजधानी क्या है? Uttarakhand Ki Rajdhani Kya Hai?

जैसा कि हम सब जानते हैं कि वर्तमान में भारत में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इन 28 राज्यों में से एक राज्य है उत्तराखंड। उत्तराखंड, उत्तर भारत का एक राज्य है जो अपने हिंदू तीर्थ स्थलों के लिए जाना जाता है। ऋषिकेश जो की योग अध्ययन के लिए प्रसिद्ध है। शहर में पवित्र गंगा नदी पर शाम के समय में एक  गंगा आरती का आयोजन किया जाता है। 

आज हम इस पोस्ट में आपको उत्तराखंड की राजधानी के बारे में बताएंगे, कि उत्तराखंड की राजधानी क्या है? और उसकी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां आपको इस पोस्ट में हम साझा करेंगे। उत्तराखंड की राजधानी दो है इसलिए यह थोड़ा और महत्वपूर्ण हो जाता है उत्तराखंड में शीतकालीन राजधानी अलग है, और उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी अलग है, इस पोस्ट में हम आपको शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन दोनों राजधानी के बारे में बताएंगे तो इस पोस्ट को आप शुरू से अंत तक जरूर पढ़ें।

उत्तराखंड की राजधानी क्या है?

उत्तराखंड की शीतकालीन राजधानी और ग्रीष्मकालीन राजधानी अलग अलग है। उत्तराखंड की शीतकालीन राजधानी जो देहरादून है और ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण है। तो आइये इन दोनों के बारे में विस्तार से जानते है।

उत्तराखंड की राजधानी(शीतकालीन) 

उत्तराखंड की शीतकालीन राजधानी का नाम देहरादून है और देहरादून के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे की –

देहरादून का क्षेत्रफल, जनसंख्या और भाषा

देहरादून उत्तराखंड का सबसे बड़ा शहर है इसलिए इसे उत्तराखंड की राजधानी बनाया गया है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 7 पर स्थित है। काठमांडू और श्रीनगर के बाद हिमालय का तीसरा सबसे बड़ा शहर देहरादून ही है। देहरादून का क्षेत्रफल196.48 वर्ग किलोमीटर है, देहरादून की जनसंख्या 803,983 है। देहरादून में आधिकारिक रूप से हिंदी भाषा है, अतिरिक्त अधिकारिक भाषा संस्कृत है और क्षेत्रीय भाषाओं में गढ़वाली और जोनसरी प्रमुख है।

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उत्तराखंड की राजधानी का परिवहन

अब आइये जानते है उत्तराखंड की राजधानी के परिवहन के बारे में विस्तार से 

वायु परिवहन

देहरादून में अगर वायु परिवहन की बात करें तो देहरादून जौली ग्रांट हवाई हड्डी से जुड़ा हुआ है। जोली ग्रांट हवाई अड्डे ने 30 मार्च 2008 को अपना वाणिज्यिक संचालन शुरू किया था। यह हवाई अड्डा देहरादून से 27 किलोमीटर दूर है, देहरादून से अगर निकटतम इंटरनेशनल एयरपोर्ट की बात करें,तो वह दिल्ली के इंटरनेशनल एयरपोर्ट देहरादून के सबसे नजदीक है।जौलीग्रांट हवाई अड्डा भारत का 38 वा सबसे अधिक व्यस्त हवाई अड्डा है।

इस हवाई अड्डे से एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, विस्तारा और भी बहुत सारी हवाई जहाज उड़ान भर चुकी हैं। देहरादून से उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसोर और गोचर के लिए एक हेलीकॉप्टर सेवा भी है। जौलीग्रांट हवाई अड्डे को इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।

रेल परिवहन

देहरादून का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन देहरादून रेलवे स्टेशन है यह उत्तरी जोन(NR) का हिस्सा है। इसकी स्थापना 1899 में की गई थी। यहां से देहरादून जनशताब्दी एक्सप्रेस, जो कि नई दिल्ली जंक्शन और देहरादून के बीच चलती है। देहरादून एक्सप्रेस जो बांद्रा टर्मिनस वह देहरादून स्टेशन के बीच चलती है।वाराणसी देहरादून एक्सप्रेस जो कि वाराणसी और देहरादून के बीच चलती है। इसके अलावा हावड़ा जंक्शन,अमृतसर एक्सप्रेस, मसूरी एक्सप्रेस, काठगोदाम एक्सप्रेस, नंदा देवी एक्सप्रेस,आदि रेल यहां चलती है।

सड़क परिवहन

जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया है कि देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 7 और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 307 पर स्थित है। जो इसे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश से जोड़ता है।देहरादून में सड़कों की दो सेट है NE-SW( राजपुर मुख्य सड़क) NW-SE ( राजपुर, चकराता)

संस्कृति और पर्यटन

देहरादून के के संस्कृति की बात करें तो इसकी संस्कृति उत्तराखंड की संस्कृति के समान ही है, यहां की संस्कृति का प्रमुख भाग है 14 जनवरी को लगने वाला माघ मेला और मार्च में लगने वाला झंडा मेला। इन मेलों में यहां की संस्कृति बिल्कुल शुद्ध रूप से प्रदर्शित होती है।और अगर यहां के पर्यटन स्थलों की बात करें तो यहां का क्लॉक टावर, शांतिनिकेतन, कलिंगा स्मारक, चंद्रबनी, हिमालयन गैलरी, वन अनुसंधान संस्थान, तपोवन, संतला देवी का मंदिर, साईं मंदिर, सेंट्रल ब्रेल प्रेस, टपकेश्वर मंदिर। यहां की हिल स्टेशंस की बात करें तो मसूरी, चकराता, डाकपत्थर प्रमुख है।

भूगोल और जलवायु

अगर देहरादून के भूगोल की बात करें तो देहरादून दून घाटी में स्थित है। यहां जौनसार बावर पहाड़ियां समुद्र तल से 3700 मीटर ऊपर उठती है।मसूरी का पहाड़ी इलाका 1870 से 2017 मीटर ऊंचा है। यहां भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, अचानक बाढ़, सी लहरों और ओलावृष्टि से संबंधित प्राकृतिक आपदाएं आना आम बात है। देहरादून के पूर्व में गंगा नदी और पश्चिम में यमुना नदी बहती है। देहरादून को दो भागों में विभाजित किया गया है एक शिवालिक से घिरा देहरादून, और दूसरा हिमालय की तलहटी में स्थित जौनसार बावर। देहरादून अक्षांश30°01′ उतर और 31°2 उतर और देशांतर 77°34′ पूर्व से 78° 18′ पूर्व के बीच स्थित है।

देहरादून की जलवायु की बात करें तो यहां की जलवायु आद्र उष्णकटिबंधीय है, ग्रीष्म काल में तापमान 44 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच जाता है। सर्दियों में तापमान जीरो डिग्री सेंटीग्रेड से भी नीचे चला जाता है। यहां पर जून से सितंबर तक औसत वार्षिक वर्षा 81.63इंच तक हो जाती है।

उत्तराखंड की राजधानी(ग्रीष्मकालीन)

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी का नाम गैरसैंण है, और गैरसैंण के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे की –

भूगोल, जनसंख्या, क्षेत्रफल

गिरफ्तार समुद्र सतह से 5750 फुट ऊंचा है, यह पूरी तरह से मैदानी भाग , गैरसैंण कुमाऊं और गढ़वाल के बीच स्थित है। इसका क्षेत्रफल7.53 वर्ग किलोमीटर है और इसकी जनसंख्या 7138 है।

संस्कृति

यह हिमालय क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत  कुमाऊनी, गढ़वाली सभ्यता व संस्कृति पर्वतीय जीवन शैली तथा अलौकिक प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है।

भाषा

यहां पर गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा अधिकांशत बोली जाती है लेकिन ऑफिशियल रूप से हिंदी और इंग्लिश भाषाएं प्रमुख है।

परिवहन

अगर रेल परिवहन की बात करें तो यहां पर रेलवे जंक्शन काठगोदाम जो कि यहां से 175 किलोमीटर दूर है और रेलवे जंक्शन रामनगर जो कि यहां से 150 किलोमीटर दूर है प्रमुख है।

सड़क परिवहन की बात करें तो दिल्ली के आनंद विहार आईएसबीटी से यहां बसें उपलब्ध है, और राष्ट्रीय राजमार्ग 9  गजरौला, मुरादाबाद, काशीपुर से गुजरता है।

निष्कर्ष

इस पोस्ट में हमने आपको उत्तराखंड की शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन राजधानी के बारे में बताया है। उत्तराखंड राज्य की राजधानी अधिक इंपॉर्टेंट हो जाती है क्योंकि बहुत ही कम राज्य है जिनकी शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन प्रकार की दो राजधानियां होती हैं। 

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FAQs

गैरेसण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी कब घोषित किया गया?

गैरेसण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी 8 जून 2020 को घोषित किया गया।

उत्तराखंड का पुराना नाम क्या था?

उत्तराखंड का पुराना नाम उत्तरांचल था 21 दिसंबर 2006 को इसका नाम उत्तराखंड हुआ।

उत्तराखंड राज्य की स्थापना कब हुई?

उत्तराखंड राज्य की स्थापना 9 नवंबर 2000 को हुई।

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