ट्रेडिंग क्या है? ट्रेडिग कितने प्रकार के होते हैं? और ट्रेडिंग कैसे सीखें

ट्रेडिंग क्या है? What is Trading in Hindi?

Trading का हिंदी अर्थ है व्यापार। 

किसी दो पक्षों के बीच वस्तु का या सेवा का सवेतन आदान प्रदान को ट्रेडिंग अथवा व्यापार कहा जाता है। यह आर्थिक समाजों और वित्तीय गतिविधियों का मूल सिद्धांत है।

ट्रेडिंग किसी दो देश के बीच या किसी दो संस्थाओं के बीच या किसी दो कंपनियों के बीच या किसी दो व्यक्तियों के बीच भी हो सकता है। 

ट्रेडिंग किसी भी समाज में प्रगति को नियंत्रित करता है और धन सृजन की अनुमति देता है। वह स्थान जहाँ व्यापार का कोई भी रूप आकार लेता है, बाजार कहलाता है। उत्पादों के प्रकार के आधार पर, बाजार को परिभाषित किया जाता है।  

 

बाजार के मुख्यतः दो रूप होते हैं – संगठित और असंगठित।  संगठित बाजार का गठन नियमों और विनियमों के एक समूह के साथ किया जाता है, जिसका बाजार में काम करने वाली प्रत्येक इकाई को पालन करना होता है और आमतौर पर इस तरह के पालन की निगरानी के लिए एक नियामक निकाय होता है। उदाहरण स्वरूप: शेयर बाजार जहां व्यापार करने के लिए एक स्थिर नियम होता है और व्यापार सृंखलित होता है। 

एक असंगठित बाजार में कोई सख्त नियम और विनियम नहीं होते हैं, और अगर ऐसा होता भी है, तो पालन करना अनिवार्य नहीं है। उदाहरण स्वरूप: चोर बाजार जहां कोई नियम नहीं। आप 1 लाख की वस्तु को 10 हजार में भी खरीद सकते हैं। 

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Trading का इतिहास:

Trading Kya Hai? History Of trading

ट्रेडिंग अथवा व्यापार प्राचीन काल से ही चला आ रहा है। भिन्न भिन्न समुदाय या देश के भिन्न भिन्न प्रकार के Trading प्रणाली हुआ करता था। अतीत काल के समय में Trading या व्यापार में वस्तु या सेवा के आदान प्रदान कोई दूसरा वस्तु या सेवा का व्यापार होता था। 

उस समय का व्यापार का समस्या यह था की उत्पादों की कोई स्थिर मूल्य नहीं होता था। सोना चांदी को भी अनाज के आदान प्रदान में व्यापार किया जाता था। 

उस समस्या की हल के लिए पैसे या मुद्रा का प्रचलन आरंभ हुआ और तबसे हर एक उत्पाद का एक स्थिर मूल्य प्राप्त हुआ और व्यापार सृंखलीत और सुव्यवस्थित हुआ। 

शेयर ट्रेडिंग क्या है?

शेयर मार्केट में विभिन्न कंपनी अपनी कुछ प्रतिशत का Share निवेशकों को बेचते हैं और निवेशक उनकी Share को खरीद कर इस कंपनी में पैसे लगते हैं। कंपनी की हर मुनाफा और घाटा मैं निवेशक भागीदारी होते हैं और कोई निवेशक अपने मुनाफे के साथ साथ उन Share को कोई दूसरा निवेशक को भी बेचते हैं। ये सब Share खरीदारी को Share Market Trading कहा जाता है। 

ट्रेडिंग कैसे सीखें? How To Learn Trading in Hindi

ट्रेडिंग सिखने के बहुत सारे तरीके हैं, हमने उनमे से कुछ बेस्ट स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग सीखने का तरीका बताया है :

  1. स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग के बारे में सीखने के सबसे सस्ते तरीकों में से एक किताब पढ़ना है। शेयर बाजार कैसे काम करता है, इस बारे में गहरी जानकारी प्राप्त करने के लिए आप सबसे ज्यादा बिकने वाली किसी भी किताब को पढ़ सकते हैं।
  2. स्टॉक ट्रेडिंग के बारे में जानने के लिए सेमिनार, ऑनलाइन कोर्स और लाइव क्लासेस कुछ बेहतरीन तरीके हैं।
  3. कई लोकप्रिय ट्रेडिंग वेबसाइट और ब्लॉग पेज हैं जहां आप नियमित रूप से आर्टिकल्स को पढ़ सकते हैं। यह बिना किसी अतिरिक्त कीमत के शेयर बाजार ट्रेडिंग के बारे में जानने का एक शानदार तरीका है।
  4. स्टॉक ट्रेडिंग की कार्यप्रणाली सीखने के लिए आपको एक मेंटर की तलाश करनी होगी। मेंटर आपको स्टॉक ट्रेडिंग के लिए विवरण, संसाधन और कौशल प्रदान करने में मदद करेगा।
  5. निवेशकों के सफलता की कहानियों के बारे में जानने से शुरुआती लोगों को बाजार में आने की प्रेरणा मिल सकती है। एक सफल व्यक्ति की हर कहानी में बाजार में ट्रेडिंग के बारे में कुछ महान शिक्षाएं होती हैं।

ट्रेडिंग कितने प्रकार के होते हैं?

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है? (Intraday Trading)

Intraday Trading में, Traders उसी दिन Share खरीदता या बेचता है।  जिस दिन व्यापारी लाभ या हानि को जल्दी से बुक करते हैं और शेयर बाजार के बंद होने से पहले अपना व्यापार बंद कर देते हैं। Share को कुछ घंटों या कुछ सेकंड के लिए और एक ही दिन में कई बार रखा जा सकता है। Intraday Trading में Share की कीमत अत्यधिक अस्थिर है और इसके लिए तेजी से निर्णय लेने की आवश्यकता होती है। इस लिए शेयर मार्केट में नया नया आने वाले अनुवभहीन व्यक्तियों को Intraday Trading में हिस्सा लेने के लिए वारण किया जाता है। 
 
 
 
 

Swing Trading Kya Hai?

इस प्रकार के Trading में Traders या व्यापारी Share की कीमत बढ़ाने के लिए एक से अधिक दिन तक रखते हैं। वो उनके Share की कीमत बढ़ने का अनुमान करतें हैं और उस हिसाब से उतने दिन तक Share को रखते हैं। 

शेयर मार्केट में अधिकांश Swing Traders हीं होते हैं। 

Positional Trading Kya Hai?

इस प्रकार की ट्रेडिंग में निवेशक ज्यादा मुनाफा पाने के लिए एक लंबी अवधि तक Share को रखते हैं। कुछ महीने से ले कर सालों तक Share रखा जाता है। 

निवेशक विभिन्न तकनीकी और मौलिक विश्लेषण से कीमत बढ़ने का अनुमान लगाते हैं और उस हिसाब से Share खरीद कर रखते हैं। 

इस प्रकार की ट्रेडिंग अपेक्षाकृत ज्यादा सुरक्षित होता है कारण Share को लंबा समय तक रखा जाता है। 

Fundamental Trading Kya Hai?

आम तौर पर सभी धीर्घकालिक निवेशक जो Share की मूल्य की अल्पकालिक उतार चढ़ाव को नजरंदाज कर के एक विकासशील कंपनी पर निवेश करते हैं। इस प्रकार की Trading को Fundamental Trading कहा जाता है। धीर्घकालीन वक्त तक हमेशा मुनाफा ही होता है। इस लिए Fundamental Trader दीर्घकालिक समय तक ही निवेश करते हैं। 

निष्कर्ष

हालाकी हर एक व्यापार को Trading कहा जाता है पर आज के समय खास तौर पर Share बाजार या Stock Market में व्यापार को ही ट्रेडिंग कहा जाता रहा है। 

शेयर मार्केट या Stock Market के वारे में अगर जानना चाहते हैं तो हमारा Website में उपलब्ध है वहां से आप जान सकते हैं। 

अगर हमारा Post “ट्रेडिंग क्या है? ट्रेडिग कितने प्रकार के होते हैं? और ट्रेडिंग कैसे सीखें?” आपको पसंद आया तो Comments करके जरूर बताएं और Post को Share करना ना भूलें धन्यवाद।

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