Tokyo ओलंपिक 2020 में भारत का स्थान, पदक और पदक आशार्थी

नमस्कार दोस्तों, चल रहे टोक्यो ओलंपिक पर भारत ने अभी तक एक पदक रजत पदक जीत चुका है और कल एक और पदक सुनिश्चित कर दिया है। और आगे भी कुछ पदक मिलने का संभावना है। तो हम इस पोस्ट के जरिए जानते हैं की भारत के लिए कौन कौन पदक जीत चुके हैं और कौन कौन से खिलाड़ी पदक जीतने का संभावना है। तो जानने के लिए इस पोस्ट Tokyo ओलंपिक 2020 में भारत का प्रदर्शन को अंत तक जरूर पढ़ें। 

Tokyo ओलंपिक भारत के पदक

2020 टोक्यो ओलंपिक पर स्वर्ण पदक का सपना हुआ साकार, ओलंपिक इतिहास में एथलेटिक्स पर भारत को मिला प्रथम पदक

100 वर्षों तक प्रत्येक भारतवासी चातक पक्षी की तरह अपेक्षा करने के वो स्वर्णिम, स्मरणीय और बहुप्रतीक्षित मुहूर्त आ गया है। 2020 टोक्यो ओलंपिक पर भारत कल शनिवार को अपने ओलंपिक इतिहास पर सर्वाधिक पदक जीतने के साथ एथलेटिक्स से पाया है प्रथम पदक वो भी स्वर्ण पदक। 

भारत के नया महानायक नीरज चोपड़ा ट्रैक एंड फील्ड में भारत को कल दिया प्रथम ओलंपिक पदक जो एक स्वर्ण पदक था। यह स्वर्ण पदक भारत ओलंपिक इतिहास का द्वितीय व्यक्तिगत स्वर्ण था और चल रहा ओलंपिक पर 7वीं पदक और प्रथम स्वर्ण पदक। 

कौन है नीरज चोपड़ा?

हरियाणा के एक गरीब किसान के 23 वर्षीय बेटा नीरज चोपड़ा ओलंपिक पर जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीत कर यह अनन्य, असाधारण और अविस्मरणीय सफलता के लिए आज पूरा भारत देश उत्सव मुखर है। 

बड़े बड़े दिग्गजों से भरफूर ओलंपिक जैवलिन फाइनल पर द्वितीय प्रयास में 87.58 मीटर दूर तक जैवलिन फेंक कर नीरज ने भारत को ओलंपिक स्वर्ण विजेता बनाए थे। स्वर्ण पदक जीतने के बाद उल्लासित और भावविह्वल नीरज हात में तिरंगा ले कर जब स्टेडियम का चक्कर लगाएं तब 140 करोड़ भारतीयों का छाती गर्व से फूल उठा था। 

1997 दिसंबर 24 को हरियाणा के पानीपत में जन्मे नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में नाएब सूबेदार के मान्यता के साथ जूनियर कमिशंड के पद पर काम कर रहे हैं और वो विशिष्ट सेवा पदक (VSM) से भी सम्मानित हो चुके हैं। ओलंपिक पर स्वर्ण जीतने के बाद वो भारत सरकार के तरफ से 75 लाख और हरियाणा सरकार के तरफ से 6 करोड़ रुपए की अर्थ राशि पुरस्कार पाने की हकदार बन गए हैं। 

बजरंग पुनिया:

शनिवार भारत के लिए डबल खुशी ले कर आया था। पूरा भारत नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक के साथ साथ बजरंग पुनिया के कुस्ती 65 किग्रा वर्ग फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक का भी खुशी मना रहा था। 

27 वर्षीय बजरंग पुनिया कल उइबेगिस्थान के पहलवान दऊलेत नियावेकोव को 8-0 व्यवधान में हराकर भारत के लिए चौथा कांस्य पदक हासिल किए।

मीराबाई चानू:

मीराबाई चानू

ओलंपिक आरंभ होने के पहले दिन ही भारोत्तालन में रजत पदक जीत कर मणिपुरी भारोत्तलक मीराबाई चानू ने पूरे देश में खुशियों का लहर बिखेर दिया। 

लवलीना बोर्गोहेन – महिला वेल्टरवेट (64-69 किग्रा), टोक्यो 2020: 

अपने खेलों की शुरुआत में, लवलीना बोरगोहेन को महिलाओं के महिला वेल्टरवेट (64-69 किग्रा), टोक्यो 2020: बॉक्सिंग में क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे की निएन-चिन चेन को हराकर टोक्यो ओलंपिक में कम से कम कांस्य पदक निश्चित कर दिया है। अगर वो सेमी फाइनल पे जीतते हैं तो स्वर्ण पदक का भी संभावना है।

पीवी सिंधु  

पिछले 2016 रियो ओलंपिक पर पदक जीतने वाले भारत की महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु 2020 टोक्यो पर थोड़ा सा असफल रहे। सबकी उम्मीद थी की पीवी सिंधु फाइनल में जा के कुछ कमाल करेंगे पर आज बैडमिंटन महिला एकल सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की ताई त्ज़ु-यिंग से 40 मिनट में 18-21,12-21 से पराजित हो गईं।  पर अभी भी एक और मौका ब्कांस्य पदक जीतने का है पीवी सिंधु के पास। सिंधु का सामना अब कल यानी रविवार को कांस्य पदक के मैच में चीन की ही बिंगजियाओ से करेंगे।

महिला हॉकी

Woman Hocky

भारतीय महिला हॉकी टीम ने 41 साल बाद दक्षिण अफ्रीका को 4-3 से हराकर ओलंपिक क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया और बाद में गत चैंपियन ग्रेट ब्रिटेन ने आयरलैंड को 2-0 से हराकर शनिवार को नाकआउट चरण में प्रवेश सुनिश्चित किया।  भारत ने आयरलैंड और दक्षिण अफ्रीका पर लगातार जीत के साथ ग्रुप ए लीग की कार्यवाही छह अंकों के साथ चौथे स्थान पर समाप्त की और अब सोमवार को क्वार्टर फाइनल में पूल बी के टॉपर्स ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगा।  प्रत्येक पूल से शीर्ष चार टीमों ने नॉकआउट चरण में जगह बनाई।  ओलंपिक में भारतीय महिला टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1980 में मास्को में था जब वे सेमीफाइनल में पहुंची लेकिन चौथे स्थान पर रही।

कमल प्रीत कौर 

कमल प्रीत कौर 

अपने पहले ओलंपिक में भारतीय डिस्कस थ्रोअर कमल प्रीत कौर ने महिला डिस्कस थरोइंग में क्वालफाइ करके आज काफी चर्चा में रहे और भारत के लिए पदक लाने का एक उम्मीद खड़ा कर दिए। 

 

सारांश 

इस 2020 टोक्यो ओलंपिक पर सबसे बड़ा दिल तोड़ने वाली बात मैरी कॉम और पीवी सिंधु के हार था। पर वो हार की दुख में मरहम लगाने के लिए नए नए खिलाड़ी पदक जीत कर और पदक की आशा उज्जीवित कर रहे हैं। और सबसे खुसी और अनोखा बात ये है की हमारे भारत की बेटियाँ हीं पदक जीत रहे हैं। यह एक शपस्त प्रतीक है की की भविष्य के ओलंपिक में भारत का बेटियाँ का एक दबदबा रहने वाला है। 

 

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