केरल की राजधानी क्या है? या केरल की राजधानी कहां है?

आज हम आपको केरल की राजधानी क्या है? और कहां है?(Kerala Ki Rajdhani) के विषय में विस्तार से बतायंगे। इसी के साथ केरल के जिले वहां का खानपान यह सब जानने के लिए इस लेख को जरुर पढ़े। ऐसी सभी जानकारी को प्राप्त करना आपके सामान्य ज्ञान प्राप्त करने में मदद करता है इसलिए आपको इसकी जानकारी होनी ही चाहिए। ज्यादातर इस तरह के प्रश्न सरकारी एग्जाम या इंटरव्यू देते वक्त पूछा भी जाता है. तो चलिए आज आपको केरल की राजधानी के विषय में जानकारी देते है।

केरल की राजधानी क्या है?

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) है।

केरल भारत के दक्षिण पुश्चिम का एक राज्य है, केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) है। केरल में कुल १४ जिले है, इस राज्य को गौड्स ओंन कंट्री भी कहा जाता है| केरल का सबसे छोटा जिला अल्लाप्पुक्षा केरल है, केरल म लगभग ३.५० करोड़ लोग रहते है।

तिरुवनंतपुरम : Thiruvananthapuram

यह भारत का सबसे सुन्दर स्थान है, यहा पुश्चिम घात के ऊँचे पर्वत है और यह भारत के सबसे दक्षिण क्षेत्र में भी आता है| केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम है जिसे पहले त्रिवेंद्रम के नाम से जाना जाता था| महात्मा गांधी द्वारा तिरुवनंतपुरम को सदेव सदाबहार शहर का दर्ज़ा मिला था। तिरुवनंतपुरम शब्द मलयालम शब्द थिरु-अनंत-पुरम से लिया गया है, जिसका मतलब है “भगवान् अनंत का शहर” 

वर्ष १९५६ में केरल राज्य का गठन हुआ और उसके बाद ही तिरुवनंतपुरम को इसकी राजधानी बना दोइया गया।

केरल की राजधानी_Tiruvanantpuram

 

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खानपान : 

तिरुवनंतपुरम के हर प्रमुख मार्ग के कोने पर चाय और पान की दुकाने मिल जाएँगी| इस क्षेत्र में ऐसे कई जलपान गृह भी है जो उत्तर भारतीय भोजन परोसते है; यहा नारियल के तेल का प्रयोग लगभग हर भोजन में होता है| 

विशेष अवसरों पर केलो के पत्तो पर भोजन खिलाया जाता है, जिसमे केला, आचार, चटनी, तोरण , अवियल, सांभर,परिप्प, रसम, पापड़, और कई प्रकार के खीरे परोसी जाती है।

केरल के जीले: 

केरल में कुल १४ जिले है: 

 

१. अल्लाप्पुड्रा जिला

२. एर्नाकुलम जिला 

३. इदुक्की जिला 

४. कन्नूर जिला 

५. कासरगोड जिला 

६. कोल्लम जिला 

७. कोट्टयम जिला 

८. केलिकट जिला 

९. तिरुवनंतपुरम जिला 

१०. पतंमतित्ता जिला 

११. पालक्कड़ जिला 

१२. त्रिस्सुर जिला 

१३. वायनाड जिला 

१४. मलप्पुरम जिला 

 

केरल का इतिहास

केरल की संस्कृति हजारो साल पुराणी है, यह [रचीं तमिल साहित्य के निर्माण का काल है। केरल राज्य का क्षेत्रफल ३८८६३ वर्ग किलोमीटर है, केरल की प्रमुख पडोसी राज्य तमिलनाडू है| केरल शब्द का मतलब है- वह भू-भाग जो समुद्र से निकला हो| प्राचीन विदेशी यायावरो ने केरल को मलबर नाम से संबोधित किया है।

केरल के इतिहासों को तीन भागो में विभाजित किया गया है- प्राचीन केरल, मध्यकालीन केरल, आधुनिक केरल| 

हजारो वर्ष पहले केरल आबाद था, प्रारंभ में लोग पहाड़ी इलाको में रहते थे| केरल में आवास केन्द्रों के विकास का दूसरा चरण संगम्काल माना जाता है, इसी काल में प्राचीन तमिल साहित्य निर्मित हुआ।

प्राचीन केरल को इतिहासकार तमिल को भूभाग समझते थे, केरल की निजी विशेषताओं के विकास में जो तत्त्व सहायक हुए उनमे मुख्य है- लोगो का प्रकृति प्रेम, आवास केन्द्रों का विकास, उत्पादन केन्द्रों का उदय और भाषा का विकास।

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केरल के प्रमुख विशेषता: 

१. इस राज्य की प्रमुख नदिया- कवोरी, परियार, पम्पा, मणिमाला, निन्नर, है।

२. इस राज्य का राजकीय पशु हाथी है।

३. इस राज्य का राज्य फूल कनिकोंना है।

४., इस राज्य का राजकीय पेड़ नारियल का पेड़ है।

५. इस राज्य का राज्य पक्षी ग्रेट हॉर्न बिल है। 

केरल  की संस्कृति: 

केरल की सांस्कृतिक जीवन में कलारूपो ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है, कलारूपो में लोकाओ, अनुष्ठान कलाओ और मंदिर कलाओ से लेकर आधुनिक कलारूप तक की भूमिका उल्लाखिया है।  केरल की संस्कृति वास्तव में भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है| केरल की संस्कृति का भी एक पुराना इतिहास है जो अपने आप महत्वपूर्ण होने का दावा करता है। केरल की संस्कृति अपनी पुरातन, एकता, निरंतरता, और सार्व्भोमिकता का प्रक्रति के कारण उम्र के हिसाब से मध्यम बनाये हुए है।  केरल की कला और यहाँ की संस्कृतिय परम्पराएँ बहुत पुराणी है, केरालिय रंग कलाओ को धार्मिक, विनोद्पर्क, सामाजिक, कायिक, आदि भागो में विभिक्त किया जाता है।

केरल में पर्यटन: 

राजधानी तिरुवंतपुरम शहर मंदिर, मज्सिद, और चर्चो का केंद्र है| केरल का प्राचीन हिन्दू मंदिर भगवान शिव को सर्पित है| भगवती मंदिर केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित है, बहुत ही आकर्षिक मंदिर है| इस मंदिर को महिलाओ की सबरीमाला के रूप में जाना जाता है| यह २३ फरवरी १९९७ को पोंगाल चड़ने के लिए एक बार लगभग ३७ लाख महिलाओं ने इस उत्सव में भाग लिया है।

ताली मंदिर भगवान् शिव को समर्पित है और सबसे पुराने मंदिरों में से एक है|  केरल का वेकोम महादेव मंदिर शहर के केन्द्रों म स्थित है, इस मंदिर का निर्माण १५९४ में किया गया था।

केरल का धर्म :

२०११ आधिरिक जनगण के अनुसार केरल में हिन्दू धर्म( ५४.७२%), इस्लाम (२६.५६%), इसाई ( १८.३८%) अन्य या कोई धर्म (०.३३%) थे | २०१८ के अनुसार केरल में राज्य में कुल रिपोर्ट किये गए जन्मो में से (४३.८०%)  मुस्लिम, (४१.६१%) हिन्दू, (१४.३१%) इसाइयों) और( ०.२५%) अन्य थे।

केरल की जानकारी:

 

राज्य का नाम 

केरल 

केरल की राजधानी 

तिरुवनंतपुरम 

स्थापना दिवस 

१ नवम्बर १९५६ 

केरल का क्षेत्र फल 

३८८६३ वर्ग किलोमीटर 

राजकीय पशु 

हाथी 

राजकीय फूल 

ग्रेट हॉर्न बिल 

राजकीय पक्षी 

कनिकोंना 

राजकीय वृक्ष 

नारियल 

राजकीय फल 

कटहल 

प्रथम राज्यपाल 

बर्गुला रामकृष्ण राव 

प्रथम मुख्यमंत्री 

एक्लाम्कुलम मंक्क्ल शंकरं नुम्ब्दुरी 

कुल जिला संख्या 

१४ 

लोकसभा में कुल सिट 

२० 

राज्यसभा में कुल सीट 

०९ 

विभंसभा में कुल सीट 

१४० 

केरल की राजभाषा 

मलयालम 

 

निष्कर्ष : केरल की राजधानी

केरल में इसलिए मलयालम बोलते है क्योंकि मलयालम तमिल की तुलना के अधिक निकट है| संस्कृत भाषा व्यक्ति आसानी से तमिल और कोई भी भाषा बोल सकता है| 

मलयालम की उत्पत्ति अरब लेटिन या पुश्चिम से नही हुयी थी, मलयालम तमिल, और तेलगु की तरह ही द्रविड़ भाषा है| साथ ही संस्कृत लिखने के लिए यह सबसे अच्छी भाषा है| 

आम तोर पर माना जाता है की मलयालम तमिल की पश्चिमी बोली थी और ९वि पर १३वि शताब्दी के बिच तमिल से अलग हो गयी थी|  

एक मत है की किसी आदि द्रविद्र भाषा से विकसित होकर मलयालम एक स्वतंत्र भाषा हुई| दूसरा मत है की मलयालम तमिल से उत्पन्न भाषा है|

 

FAQ:

केरल की राजधानी क्या है?

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम है|

तिरुवनंतपुरम को पेहले किस नाम से जाना जाता था?

पहले त्रिवेंद्रम के नाम से जाना जाता था| महात्मा गांधी द्वारा तिरुवनंतपुरम को सदेव सदाबहार शहर का दर्ज़ा मिला था|

विशेष अवसरों पर केरल में भोजन कैसे परोसते है?

विशेष अवसरों पर केलो के पत्तो पर भोजन खिलाया जाता है, जिसमे केला, आचार, चटनी, तोरण , अवियल, सांभर,परिप्प, रसम, पापड़, और कई प्रकार के खीरे परोसी जाती है|

केरल में कोनसी भाषा बोली जाती है?

केरल में मलयालम भाषा बोली जाती है|

केरल में मलयालम भाषा क्यों बोली जाती है?

केरल में इसलिए मलयालम बोलते है क्योंकि मलयालम तमिल की तुलना के अधिक निकट है|

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