जीवन बीमा पॉलिसी क्या है? जीवन बीमा पॉलिसी के प्रकार और महत्व क्या है?

नमस्कार दोस्तों, आपने देखा होगा की अगर कोई पैसा कमाने लग जाता है तो वो शर्व-प्रथम अपना या अपने गाड़ी का बीमा करता है। क्या आपको पता है की बीमा असल में क्या है और उसको इतना महत्व क्यूँ दिया जाता है? 

इसका उत्तर है- बीमा एक सुरक्षा है। अगर आप बीमा देने वाली कॉम्पनियों को मासिक या वार्षिक भित्ति से बीमा के प्लान में तय किए गए पैसे देते हैं तौ बाद में अगर आपका या अपनी किसी परिजन का जिसके नाम पे बीमा है या अपनी यान बाहन का किसी दुर्घटना हो जाए और आप क्षतिग्रस्थ होते हैं तो आर्थिक सुरक्षा और भरपाई उस बीमा कंपनी को करना पड़ेगा।

बीमा कई प्रकार के होते हैं। गाड़ी का बीमा, इलेक्ट्रॉनिक वस्तु के बीमा और जीवन बीमा। हम इस पोस्ट में जीवन बीमा पॉलिसी के ऊपर आलोकपात करेंगे। अगर आप जीवन बीमा को समझना चाहते हैं तौ इस जीवन बीमा पॉलिसी क्या है? जीवन बीमा पॉलिसी के प्रकार और महत्व क्या है? पोस्ट आपके लिए मददगार रहेगा। तो पोस्ट को अंतिम तक जरूर पढ़ें। 

  • अगर आपको  Mutual Funds Kya Hai? जानना है तो ये पोस्ट जरूर पढ़िए 
  • अगर आपको Health Insurance Kya Hai जानना है तो ये पोस्ट जरूर पढ़िए 
  • अगर आपको Bima Kya Hai हेल्थ इन्श्योरेन्स क्या है? तो ये पोस्ट जरूर पढ़िए 

जीवन बीमा पॉलिसी क्या है?

जीवन बीमा पॉलिसी क्या है?

जीवन बीमा पॉलिसी या Life Insurance एक व्यक्ति और एक बीमा प्रदाता के बीच एक अनुबंध है, जिसमें बीमा कंपनी मासिक या वार्षिक शुल्क के बदले पॉलिसीधारक को आर्थिक सुरक्षा पादन करती है।

जीवन बीमा पॉलिसी में एक पॉलिसीधारक की मृत्यु की स्थिति या जाए या फिर, पॉलिसी परिपक्व हो जाती है, तो बीमा प्रदाता व्यक्ति या उसके परिवार को एक निश्चित समय के बाद एकमुश्त राशि का भुगतान करेगा।

पॉलिसी खरीदारों की व्यक्तिगत जरूरतों और आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न प्रकार की जीवन बीमा पॉलिसियां हैं।

जीवन बीमा पॉलिसी के प्रकार

निम्नलिखित भिन्न भिन्न जीवन बीमा के प्रकार के वारे में आलोचना किया गया है। कुछ प्रमुख जीवन बीमा के प्रकार हैं:

  • टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान – प्योर रिस्क कवर
  • यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) – इंश्योरेंस के साथ साथ इन्वेस्टमेंट (निवेश) ऑपोर्चुनिटी (के अवसर)
  • एंडोमेंट प्लान – इंश्योरेंस और सेविंग्ज़
  • मनी बैक – इंश्योरेंस के साथ  पीरियोडिक रिटर्न्स (समय समय पर रिटर्न्स)
  • होल लाइफ इंश्योरेंस (संपूर्ण जीवन बीमा) – लाइफ एश्योर्ड के लिए होल लाइफ कवरेज /बीमित व्यक्ति के लिए संपूर्ण लाइफ कवरेज
  • चाइल्ड प्लान (बच्चों का प्लान) – बच्चों के लाइफ गोल्स (जीवन ध्येय) जैसे शिक्षा और शादी
  • रिटायरमेंट (सेवानिवृत्ति) प्लान – रिटायरमेंट के बाद इनकम (आय)

टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान – प्योर रिस्क कवर;

इस प्रकार के बीमा, जीवन बीमा का सबसे शुद्धतम रूप होते हैं जिसमे बिना किसी बचत या लाभ के जीवन बीमा प्रदान किया जाता है। और अन्य जीवन बीमा योजनयों के तुलना में इसमे अपेक्षाकृत कम प्रीमियम शुल्क होता है जो इस प्रकार के बीमा को सबसे किफायती बीमा बनाता है। टर्म लाइफ इंश्योरेंसl पालिसी लेते वक्त नॉमिनी जिन्हे चुना गया होता है उनको इंश्योरेंस का लाभ मिलता है।

१८ साल से ही टर्म प्लान लिया जा सकता है। जितनी कम उम्र से टर्म इंश्योरेंस लिया जाएगा उतना ज्यादा कवरेज की प्राप्ति होती है। इसलिए काम उम्र से ही इंश्योरेंस ले लेना अच्छा है। क्युकी टर्म इंश्योरेंस प्लान मैं मैच्योरिटी के समय को ई रासी का प्राप्त नहीं होता इस सुविधा को इन्वेस्टमेंट के तरह से नहीं लेना चाहीए।

टर्म लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम मासिक, चतुर्मासिक, अर्धबार्सिक, और बार्सिक रूप से दिया जा सकता है।बी 

 

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान – इंश्योरेंस के साथ साथ इन्वेस्टमेंट (निवेश) ऑपोर्चुनिटी (के अवसर);

ULIP इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस को कंबाइन कर के १ सिंगल प्लान बनाता है। इस तरह के प्लान मैं पॉलिसिहोल्डर को १ निर्दिष्ट रासी मिलता है। यदि पॉलिसी धारक की निर्दिष्ट अवधि में मृत्यु नहीं होती है, तो पॉलिसीधारक को मैच्योरिटी का रासी मिलता है। 

आम तौर पर पॉलिसी धारक को यूलिप निवेश के लिए asset class चुनने का विकल्प मिलता है। इस प्रकार की योजना में, पॉलिसी धारक को assets classes के बीच स्विच करने का विकल्प मिलता है और साथ ही पॉलिसी धारक ULIP के भीतर अधिक बचत शुरू कर सकता है। बीमा कंपनियां लॉयल्टी बोनस जैसे प्रोत्साहन देती हैं। निवेश वर्ग debt या equity दोनों हो सकता है।

इस ओलन में पॉलिसी धारक को फंड आवंटन शुल्क, पॉलिसी प्रशासन शुल्क, फंड प्रबंधन शुल्क और मृत्यु दर शुल्क लगाया जाता है।

जो निवेशक अपनी बीमा योजना को नियमित आधार पर ट्रैक कर सकते हैं, इस प्रकार की योजना उच्च रिटर्न के साथ-साथ जीवन बीमा का भुगतान करेगी।

 

एंडोमेंट प्लान – इंश्योरेंस और सेविंग्ज़

ULIP एक प्रकार की एंडोमेंट योजना है। आम तौर पर पॉलिसी धारक को एक निश्चित राशि का वादा किया जाता है यदि पॉलिसी धारक परिपक्वता अवधि तक जीवित रहता है तो उसे कुछ अतिरिक्त बोनस के अलावा वादा किया गया धन दिया जाता है। एक अन्य प्रकार की एंडोमेंट पॉलिसी भी है जहां पॉलिसी धारक को केवल वादा की गई राशि दी जाती है और कोई बोनस नहीं, ऐसी योजना को गैर non profit endowment योजना कहा जाता है।

इस प्रकार की योजना वित्तीय निवेश की आवश्यकता और जीवन बीमा दोनों को कवर करती है।

 किसी ऐसे व्यक्ति को जिसे निवेश की जानकारी नहीं है, उसे एंडोर्समेंट प्लान का विकल्प चुनना चाहिए क्योंकि पॉलिसीधारक को निवेश निर्णयों का कोई सिरदर्द नहीं झेलना पड़ता है।

 

मनी बैक – इंश्योरेंस के साथ  पीरियोडिक रिटर्न्स (समय समय पर रिटर्न्स)

यह एक अनूठी प्रकार की बीमा योजना है जहां पॉलिसीधारक को बचत पर निश्चित वादा प्रतिशत रिटर्न मिलता है। इस प्रकार की पॉलिसी में पॉलिसी धारक को आखरी में कोई Lump Sum राशि नहीं मिलती है।

इस प्रकार की पॉलिसी उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं और साथ ही वे निवेश की गई राशि के साथ liquidity चाहते हैं।

होल लाइफ इंश्योरेंस (संपूर्ण जीवन बीमा) – लाइफ एश्योर्ड के लिए होल लाइफ कवरेज /बीमित व्यक्ति के लिए संपूर्ण लाइफ कवरेज

इस प्रकार की पॉलिसी को बीमा की पारंपरिक पद्धति के रूप में जाना जाता है। इस पॉलिसी में बीमा राशि में नकद बचत घटक शामिल है जो कर कटौती सुविधाओं में मदद करता है।

यह पॉलिसी जीवन बीमा का मूल रूप है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह पॉलिसी धारक को स्थायी रूप से बीमा करेगा। इस पॉलिसी के नकद का उपयोग इसके प्रति आहरण या उधार दोनों के लिए किया जा सकता है 

चाइल्ड प्लान (बच्चों का प्लान) – बच्चों के लाइफ गोल्स (जीवन ध्येय) जैसे शिक्षा और शादी

यह योजना इन दिनों भारत में कॉलेज की ट्यूशन फीस बढ़ने, निजी स्कूल की महंगी फीस के कारण प्रसिद्ध हो रही है।यहां तक ​​कि माता-पिता के पास भी भविष्य में होने वाले शादी के खर्चे का भुगतान है। यह योजना आपके बच्चों की भविष्य की जरूरतों का बीमा करने में मदद करती है। 

 

बच्चों के खुशहाल जीवन में माता-पिता का अहम हिस्सा होता है। माता-पिता सुनिश्चित करते हैं कि उनके बच्चे सुखी जीवन जिएं। वे उन्हें अच्छे स्कूलों और कॉलेजों में ले जाते हैं। अगर भविष्य में माता-पिता को कुछ हो जाता है तो ऐसे समय में चाइल्ड प्लान काम आता है।

अन्य योजनाओं की तरह चाइल्ड प्लान भी कर कटौती योग्य है।

 

भुगतान किए गए प्रीमियम की कटौती के अलावा, मृत्यु लाभ भी धारा 10(10डी) के तहत आयकर से मुक्त है। जीवन बीमा प्राप्त करना परिवार के लिए जोखिम प्रतिरोध के रूप में मदद करता है। इस प्रकार प्रत्येक परिवार को एक उचित बीमा योजना के तहत अपना बीमा कराना चाहिए। 

 

जीवन बीमा के लाभ या जीवन बीमा पॉलिसी का महत्व क्या है? 

जीवन बीमा पॉलिसी प्राप्त करने के 3 मुख्य लाभ हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए। निम्नलिखित जीवन बीमा पॉलिसी के 3 प्रमुख लाभ::

1. आर्थिक सुरक्षा

जीवन एक सूक्ष्म डोरी से बंधा हुआ है जिसका कोई भरोसा नहीं है। एक मनुष्य कई अनिश्चितताओं से भरा होता है। और मृत्यु जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना को कौन ताल सकता है ? ऐसे परिस्थिति में, परिवार को एक स्थिर आय की कमी से आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

 

पर जीवन बीमा पॉलिसी में निवेश करना ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में सुरक्षा कवच का काम करता है। अगर एक पॉलिकीधारक नियमित रूप से बीमा कंपनी को पैसा भारत है तो कोई भी दुर्घटना या उस पॉलिसी धारक के मृत्यु के बाद जीवन बीमा कंपनी उस व्यक्ति के पॉलिसी में नामित या लाभार्थी को पूर्व-निर्धारित बीमा राशि का भुगतान करने के लिए बाध्य है। इससे ये होता है की, पॉलिसीधारक की अनुपस्थिति में भी, उसका परिवार आर्थिक रूप से सुरक्षित रहता है।

2. दीर्घकालिक बचत

जीवन बीमा कराना एक प्रकार से पैसे निवेश करना के अनुरूप भी है। अगर कोई व्यक्ति लंबी अवधि का निवेश करना चाहता है, तो जीवन बीमा एक अच्छा विकल्प है। अगर कोई व्यक्ति अपना जीवन बीमा करता है पर बीमा की अवधि में उस व्यक्ति का कोई भी दुर्घटना या मृत्य नहीं होता जिसके कारण बीमा का भुगतान हो सकता है, तो ऐसे स्थिति में उस बीमा कंपनी वो व्यक्ति को सारा पैसा सुध समेत लौटा देता है। 

 

तो ये एक तरफ से सुरक्षा भी प्रदान करता है और एक लंबी अवधि की निवेश के रूप में भी काम करता है। 

3. Tax में लाभ

जी हाँ, आप अपना जीवन बीमा करा के Tax या आयकर में भी लाभ उठा सकते हैं। आयकर अधिनियम, 1961 के धारा 80C के तहत जीवन बीमा करके Tax में कटौती मिल सकता है। इस नियम के तहत आप अधिकतम 1.5 लाख रुपए का Tax कटौती कर सकते हैं। 

जीवन बीमा के नियम और शर्तों

कुछ शर्तें हैं जो जीवन बीमा प्रीमियम को प्रभावित करती हैं।

  • जीवन बीमा के लिए भुगतान की जाने वाली प्रीमियम की राशि तय करने में उम्र सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर है। यदि पॉलिसीधारक ने कम उम्र से पंजीकरण कराया है, तो प्रीमियम कम होगा।
  • प्रीमियम की राशि का भुगतान करने का निर्णय लेने में स्वास्थ्य की स्थिति एक और महत्वपूर्ण फैक्टर है। यदि व्यक्ति को अतीत में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है, तो प्रीमियम राशि में वृद्धि होगी।
  • कुछ मामलों में बीमा कंपनी परिवार के स्वास्थ्य इतिहास को भी बदल देती है। भले ही पॉलिसी धारक चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ हो और उसके परिवार का स्वास्थ्य की स्थिति में खराब इतिहास रहा हो तो प्रीमियम की रासी बढ़ जाती है।
  • आप किस तरह का जॉब करते हैं उसका भी प्रभाव प्रीमियम पर पड़ता है। आम तौर पर जो लोग ऐसे काम करते हैं जहां उनका स्वास्थ्य बिगड़ने की संभावना ज्यादा होती है उनको प्रीमियम भी ज्यादा भरना पड़ता है। 
  • यदि पॉलिसी धारक की धूम्रपान जैसी आदत है तो बीमा कंपनी ऐसे लोगों से थोड़ा अधिक शुल्क लेगी। 

 

निष्कर्ष

पोस्ट पढ़ने के बाद शायद आपको पता चल गया होगा की जीवन बीमा इतना महत्वपूर्ण क्यूँ है। सिर्फ जीवन बीमा ही नहीं, हर प्रकार के बीमा महत्वपूर्ण होता है और एक सचेतन व्यक्ति होने के नाते अपने लिए और अपने परिवार के लिए बीमा करना हर किसी का कर्तव्य है। 

आपको यह पोस्ट जीवन बीमा पॉलिसी क्या है कितने प्रकार के होते हैं और क्यूँ महत्वपूर्ण है? जानिए जीवन बीमा के ऊपर विस्तृत से: कैसा लगा हमे कमेंट्स करके जरूर बताएं और पोस्ट को शेयर करना नया भूलें। 

FAQ

 

जीवन बीमा का मतलब क्या होता है?

जीवन बीमा पॉलिसी या Life Insurance एक व्यक्ति और एक बीमा प्रदाता के बीच एक अनुबंध है, जिसमें बीमा कंपनी मासिक या वार्षिक शुल्क के बदले पॉलिसीधारक को आर्थिक सुरक्षा पादन करती है।
जीवन बीमा पॉलिसी में एक पॉलिसीधारक की मृत्यु की स्थिति या जाए या फिर, पॉलिसी परिपक्व हो जाती है, तो बीमा प्रदाता व्यक्ति या उसके परिवार को एक निश्चित समय के बाद एकमुश्त राशि का भुगतान करेगा।

Leave a Comment