इंजीनियरिंग में कौन सी ब्रांच अच्छी है? इन ब्रांच में क्या क्या कार्य होते है? कौनसे कोर्स करने होते है? और भी अन्य जानकारियां

पहले के समय में शिक्षा का महत्व इतना नहीं था। बहुत कम लोग पढ़ते थे वो भी वे लोग जिनके पास पैसे होते थे।लड़कियों को तो बिल्कुल भी नहीं पढ़ाया जाता था। लेकिन जैसे जैसे तकनीक ने प्रगति की है शिक्षा का महत्व भी बढ़ गया है। अब प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है। 

अब तो 10वी क्लास में पढ़ते समय ही बच्चे सोच लेते है कि उन्हें आगे क्या करना? किस क्षेत्र में कार्य करना है। इन क्षेत्रों में एक है इंजीनियरिंग। तो क्या आप भी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कार्य करना चाहते है तो! और आपको इसके बारे में जानकारी चाहिए, तो आपको इस आर्टिकल में इस इंजीनियरिंग में कौन सी ब्रांच अच्छी है? इन ब्रांच में क्या क्या कार्य होते है? कौनसे कोर्स करने होते है? और भी अन्य जानकारियां के बारे में जानकारी दी जाएगी .

Table of Contents

इंजीनियरिंग में कौन सी ब्रांच अच्छी है?

निम्नलिखित इंजीनियरिंग में कौन सी ब्रांच अच्छी है? एक-एक कर के विस्तार मैं बताया गया है

1. एरोस्पेस इंजीनियरिंग 

इंजीनियरिंग में कौन सी ब्रांच अच्छी है एरोस्पेस इंजीनियरिंग  Image

 

ये ब्रांच इंजीनियरिंग की बेस्ट ब्रांच में से एक मानी जाती है। एक एयरोस्पेस इंजीनियरिंग का कार्य एयरक्राफ्ट, स्पेसक्राफ्ट, उपग्रह, मिसाइल की डिजाइन बनाना होता है। इनके प्रोटोटाइप का सही आकलन करने के लिए इनकी एक कॉपी बनाकर इसका परीक्षण करना होता है। कुछ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग किसी योजना के तहत भी कार्य करते हैं।

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग इंजन, एयर फ्रॉम विंग, लैंडिंग गियर, और कंट्रोल सिस्टम का निर्माण करते हैं। इसके घटकों का डिजाइन का कार्य करते हैं,एवं मैन्युफैक्चरिंग का कार्य करते हैं। इंजीनियरिंग क्राफ्ट की ताकत, उसके क्षमता, विश्वसनीयता, और विमान और उसके हिस्सों का लंबे समय तक टीकाऊ बने रहने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

एरोस्पेस इंजिनियर कहां कार्य करते हैं?

एक एयरोस्पेस इंजीनियर ऑफिस इनरोवमेंट में कार्य करता है। सरकारी एजेंसियां, मैन्युफैक्चरिंग एजेंसियों में भी यह काम कर सकते हैं। कुछ इंजीनियर नासा जैसे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष क्षेत्रों में भी चुना जा सकता है। वर्तमान में यह एयरोस्पेस के डायनामिक के बेसिक कॉन्सेप्ट में काम करते हैं। कुछ राष्ट्रीय रक्षा से संबंधित परियोजना पर भी कार्य कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें सुरक्षा मंजूरी प्राप्त करनी होती है।

योग्यता क्या होनी चाहिए?

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग करने के लिए आपको 12वीं कक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री, गणित से पास करनी होती है।अगर आप 12 वी पास कर लेते हैं तो आप साइंस स्ट्रीम के साथ BE या B TECH कर सकते हैं। जब आप  BE/ B TECH कर लेते हैं तो आप एक जूनियर इंजीनियर के रूप में कार्य करते हैं।

कौन कौन सी ऐसी संस्थान है जहां से आप एयरोस्पेस इंजीनियरिंग कर सकते?

  • फ्लिटेक एविएशन एकेडमी
  • VSM इंस्टीट्यूट ऑफ एरोस्पेस इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (बैंगलोर)
  • जया इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (कोयम्बतूर)
  • हिन्दुस्तान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग
  • भारत इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी( हैदराबाद)
  • पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज
  • इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिकल एंड मराइन इंजीनियरिंग

कौन-कौनसी एजेंसियों में एयरोस्पेस इंजीनियर को नौकरी मिल सकती है?

  • एयरलाइंस
  • एयर फोर्स
  • गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन
  • हेलीकॉप्टर कंपनी
  • फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट
  • डिफेंस मिनिस्ट्री
  • मिसाइल
  • एयर शिप
  • स्पेसक्राफ्ट
  • स्पेस मेन
  • सेटेलाइट

एयरो स्पेस इंजीनियरिंग में कौन-कौन से विषय है और इनकी फीस क्या है?

  • स्पेसक्राफ्ट डिजाइन
  • इंट्रोडक्शन ऑफ एस्ट्रोनॉटिक्स
  • फंडामेंटल्स ऑफ जेट प्रोपल्शन
  • स्पेसक्राफ्ट डायनामिक्स
  • स्टैटिक्स।

अगर आप एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में BE या, बीटेक करना चाहते हैं, तो ऐसे तो इसके अलग-अलग संस्थाओं के अलग-अलग फीस होती है, लेकिन इसकी न्यूनतम फीस दो लाख और अधिकतम फीस 15 लाख तक हो सकती है।

2. इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग

इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग Image

इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिक से संबंधित सभी उपकरणों का कार्य करते हैं। इनके अलग-अलग क्षेत्रों में, अलग-अलग कार्य होते हैं जैसे कि इलेक्ट्रॉनिक्स, आटोमोटिव, एयरोस्पेस, टेलीकॉम, रेलवे, पावर जनरेशन, ऑयल एंड गैस आदि। वर्तमान में सारे कार्य इलेक्ट्रिसिटी से होते हैं इसलिए इनको सक्षम करने और कंट्रोल करने के लिए इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की जरूरत है बहुत अधिक मात्रा में होती है। इसलिए इंजीनियरिंग के इस क्षेत्र में रोजगार बहुत अधिक मात्रा में उपलब्ध है।

इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग करने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए?

इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग करने के लिए आपको दसवीं के बाद पॉलिटेक्निक में एडमिशन लेना होगा। इसके बाद आपको 3 साल का इलेक्ट्रॉनिक ब्रांच से आपको डिप्लोमा लेना होगा। अब आप जूनियर इंजीनियर बन जाते हैं। और आपको सीनियर इंजीनियर बनने के लिए इलेक्ट्रिकल ब्रांच से 3 साल का डिग्री कोर्स करना होता है जिसे BE/ BTECH कहते हैं।

अगर आप 12वीं के बाद इलेक्ट्रिक या इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग करना चाहते हैं तो यह कोर्स 2 साल का होगा और आपको इसके बाद 3 साल का डिग्री कोर्स करना होता है।

जब आप 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम के साथ करते है। तो आपको इलेक्ट्रिकल ब्रांच में 4 साल की बैचलर डिग्री करनी होती है। यह डिग्री करने के बाद आप किसी भी कंपनी में काम कर सकते हैं या इसके बाद आप मास्टर डिग्री भी ले सकते हैं।

इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर कहां-कहां कार्य करते है?

फेब्रिकेशन प्लांट की प्रयोगशाला में, कॉरपोरेट परामर्श कार्यालयों में, खानों में ऑनसाइट कार्य करते हैं। यह विज्ञानिक, इलेक्ट्रीशियन, कंप्यूटर प्रोग्रामर और अन्य इंजीनियर की देखरेख भी कर सकते हैं।

विद्युत उत्पादन, रेडियो, टेलीविजन, ट्रांसमीटर वितरण, माइक्रोकंट्रोलर, कंप्यूटर,उपग्रह जीपीएस तकनीक में भी कार्य कर सकते हैं।

कौन कौन सी ऐसी संस्था है जो इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग का कोर्स करवाती है?

  • (IIT Bombay)आईआईटी बॉम्बे
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी
  • कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (पुणे)
  • एसआरएम यूनिवर्सिटी ( चेन्नई)
  • वेल्लोर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी
  • पीएससी टेक्नोलॉजी (कोयंबटूर)

3. केमिकल इंजीनियरिंग

केमिकल इंजीनियरिंग Image

केमिकल इंजीनियरिंग में केमिस्ट्री, फिजिक्स की एप्लीकेशन को मैथमेटिक्स के साथ मिलाकर केमिकल से उपयोगी और महत्वपूर्ण फॉर्म्स बनाई जाती है। यह केमिकल प्लांट के डिजाइन के लिए जिम्मेदार होते हैं। केमिकल को डिफरेंट मटेरियल में कन्वर्ट करना केमिकल इंजीनियर का कार्य होता है।

केमिकल इंजीनियरिंग करने के लिए कौन-कौन से कोर्स करने होते हैं?

केमिकल इंजीनियरिंग करने के लिए आपको दसवीं कक्षा साइंस स्ट्रीम के साथ कम से कम 45% के साथ पास करनी होती है। इसमें आपका साइंस और मैथ में अच्छा स्कोर होना चाहिए। और स्टेट गवर्नमेंट द्वारा टेक्निकल एजुकेशन कोर्स की तरफ से करवाई जाने वाली इंट्रेंस एग्जाम को क्लियर करना होता है। इसके बाद आप डिप्लोमा कर सकते हैं अब आप जूनियर इंजीनियर के रूप में कार्य कर सकते हैं।

12वीं कक्षा पास करने के बाद आप BE कर सकते हैं। इसके बाद आफ केमिकल प्लांट, बायोटेक्नोलॉजी, ऐरोस्पेस में काम कर सकते हैं। इस कोर्स में आपको केमिस्ट्री के प्रिंसिपल को इंजीनियरिंग के साथ ही लिंक करके केमिकल के उपयोग और प्रोडक्शन में आने वाली समस्याओं के बारे में बताया जाता है।

केमिकल इंजीनियरिंग करने के लिए आपको कौन कौन से एग्जाम देने होते हैं?

परीक्षा पास करने के बाद आपको ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम (AIEEE)पास करना होगा। IIT  करना चाहते हैं तो आपको ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम ( JEE) पास करनी होती है। डिप्लोमा करे हुए लोगों को एसोसिएट मेंबरशिप ऑफ इंसिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग( AMIE)

कौन  कौनसी  संस्थाएं केमिकल इंजीनियरिंग का कोर्स करवाती है?

4. पेट्रोलियम इंजीनियरिंग 

Petroleum Engineering Image

पैट्रोलियम इंजीनियरिंग के लिए कौन-कौन से कोर्स करने होते हैं?

पैट्रोलियम इंजीनियरिंग करने के लिए आपको बैचलर डिग्री कोर्स करना होता है जो 4 साल का होता है। इसके लिए आप BE या BTECH  इन पैट्रोलियम इंजीनियरिं, BTECH इन पेट्रो केमिकल, BTECH इन पैट्रोलियम रिफायनिंग इंजीनियरिंग, BTECH इन पैट्रोलियम रेजोवियर, एंड BTECH इन द प्रोडक्शन इंजीनियरिंग कर सकते हैं। 

पैट्रोलियम इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री कोर्स करने के लिए आपको JEE (जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम) पास करना होता है। अगर आप पैट्रोलियम इंजीनियरिंग में मास्टर करना चाहते हैं तो आप इसके लिए ME /MTECH इन पैट्रोलियम एक्सप्लोरेशन, एमटेक इन पैट्रोलियम रिफायनरी इंजीनियरिंग, एंड MTECh इन पैट्रोलियम रिफायनिंग एंड पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कर सकते हैं। 

पैट्रोलियम इंजीनियरिंग में मास्टर करने के लिए आपको GATE ( ग्रेजुएशन एप्टिट्यूड इन इंजीनियरिंग) एग्जाम पास करना होता है.

पैट्रोलियम इंजीनियरिंग में कौन कौन सी पोस्ट होती है?

  • रेजो वियर इंजीनियर- रेजोवियर इंजीनियरिंग का कार्य होता है तेल के भंडार से कितना तेल का निकालना है,और किस प्रकार से तेल का अधिक से अधिक उत्पादन किया जा सके इसके लिए योजनाएं बनाना।
  • ड्रिलिंग इंजीनियर- ड्रिलिंग इंजीनियर का कार्य होता है कुएं की खुदाई करना, कुएं की खुदाई करते समय पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचाना, लोगों की सुरक्षा करना, किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने से बचाना इनका प्रमुख कार्य होता है।
  • प्रोडक्शन इंजीनियर- इन का कार्य होता है कुए की खुदाई के बाद तेल कैसे निकालना है, कुए को मॉनिटर करना, उत्पादन बढ़ाना, तेल निकालने के अलग-अलग तरीके ढूंढ ना इनके प्रमुख कार्य है।
  • कंप्लीशन इंजीनियर- कंप्लीशन इंजीनियर का प्रमुख कार्य तेल के कुएं बनाना है, और उन्हें रिफाइनरी तक पहुंचाना है।

कौन-कौन सी कंपनियों में पेट्रोलियम इंजीनियर को नौकरी मिल सकती है?

  • ONGC (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन)
  • भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन
  • इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड
  • हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड
  • GAIL
  • ESSAR ऑयल

कौन-कौन सी संस्था में पैट्रोलियम इंजीनियरिंग के कोर्स उपलब्ध है?

  • IIT बॉम्बे
  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी( जालंधर)
  • यूनिवर्सिटी ऑफ पैट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज
  • चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी
  • प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी( बेंगलुरू)

5. टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग

एक टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग को कम्युनिकेशन से संबंधित सभी प्रकार के कार्य करने होते हैं। जैसे कि  नेटवर्क इंजीनियरिंग, सिगनल प्रोसेसिंग,माइक्रोवेव इंजीनियरिंग, फोटोनिक्स इंजीनियरिंग, VLSI आदि।

टेली कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग करने के लिए कौन कौन से एग्जाम देने होते हैं?

टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग करने के लिए आपको 12वीं कक्षा फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथ सब्जेक्ट के साथ पास करनी होती है और कक्षा में आपका न्यूनतम 60% होना चाहिए।

इसका कोर्स 4 साल का होता है इसके लिए आपको एक एंट्रेंस एग्जाम पास करना होता है जो JEE मेन, JEE एडवांस, GATE, BCECE, JEECE, UPSEE, ViTEE आदि।

कौन कौन सी संस्था टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग का कोर्स करवाती है?

  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी आईआईटी (रुड़की)
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी आईआईटी( गुवाहाटी)
  • इंडियन स्कूल ऑफ माइंस (धनबाद)
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (त्रिचि)
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (सूरत) 
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी( वारंगा)
  • वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी(तमिलनाडु)
  • मणिपाल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी (कर्नाटक)

कौन-कौन सी एजेंसी में टेली कम्युनिकेशन इंजीनियर को नौकरी मिल सकती है?

  • BEL
  • DRDO
  • ISRO
  • TEXAS instrument
  • INTEL
  • WIPRO
  • DMRC
  • TECH महिंद्रा
  • HCL टेक्नोलॉजीज
  • फिलिप्स
  • Samsung

6. Machine learning इंजिनियर

Machine learning इंजिनियर Image

मशीन लर्निंग इंजीनियर के क्या क्या कार्य होते हैं?

मशीन लर्निंग इंजीनियर ऐसे मशीन को बनाते हैं जिनमें सीखने की क्षमता भी होती है,और बिना किसी प्रोग्राम की ली गई जानकारी को अप्लाई भी बड़ी आसानी से कर सकते हैं। इंजीनियर ऐसे प्रोग्राम विकसित करते हैं जो किसी मशीन को पर्टिकुलर परिस्थिति पर जरूरी कार्य करने की परमिशन देते हैं।

इंजीनियर कंप्यूटर साइंस के फंडामेंटल स्ट्रक्चर का यूज कंप्यूटर कम्युनिकेशन के लिए करते है। कंप्यूटर स्किल्स का उपयोग करते हैं,प्रोजेक्ट के रिजल्ट तैयार करते हैं, डाटा पाइपलाइन को मैनेज करते हैं, पैटर्न को आईडेंटिफाई करते हैं, लेटेस्ट तकनीको इंप्लीमेंट करते हैं यह इनके प्रमुख कार्य है।

मशीन लर्निंग इंजीनियर बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

मशीन लर्निंग इंजीनियर बनने के लिए आपको 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम के साथ पास करनी होती है। जिसमें आपके सब्जेक्ट  फिजिक्स, केमिस्ट्री, एंड मैथ होने चाहिए, इसके अतिरिक्त आपको BE या BTECH करना होता है। इसके अतिरिक्त C++, पाइथन, जावा(JAVA) की प्रोग्रामिंग भाषा आपको आनी चाहिए, डिसटीब्युटेड कंप्यूटरइंग का बेसिक ज्ञान आपको होना चाहिए, Hadoop और इसकी  एप्लीकेशन का ज्ञान होना चाहिए।

कौन-कौन सी कॉलेज मशीन लर्निंग इंजीनियरिंग का कोर्स करवाती है?

  • MISB बोकानी ( मुंबई)
  • SP Jain स्कूल ऑफ ग्लोबल मैनेजमेंट(पुणे)
  • NARSEE Monjee इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडी( मुंबई)
  • Great lakes इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट चेन्नई/ गुड़गांव/ बेंगलुरु.
  • इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (कानपुर)
  • इंडिया स्कूल ऑफ बिजनेस( हैदराबाद)
  • इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट( बंगलुरु)

कौन-कौन सी कंपनियां मशीन लर्निंग इंजीनियर को नौकरी देती है?

  • Google
  • Amozon
  • Apple
  • Dropbox
  • Deloitte
  • McKinsey
  • Pinterest

7. रोबोटिक्स इंजीनियरिंग

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग Image

रोबोटिक्स इंजीनियर के क्या क्या कार्य होते हैं?

रोबोटिक्स इंजीनियरों को रोबोट डिजाइनिंग करना, उनका अनुरक्षण करना, नई एप्लीकेशन का विकास करना,अनुसंधान करना, डिजाइन स्ट्रक्चर करना, सिस्टम मेंटेनेंस करना प्रमुख कार्य होते हैं।

रोबोटिक्स इंजीनियर बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

रोबोटिक्स इंजीनियर बनने के लिए आपको इलेक्ट्रॉनिक्स, मेकेनिक्स और कंप्यूटर साइंस जैसे सहयोगी क्षेत्रों का ज्ञान होना चाहिए। आपको 12वीं कक्षा मैथ, फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ करनी होती है। और मैथ में बहुत अच्छा ज्ञान होना चाहिए। रोबोटिक्स इंजीनियर बनने के लिए आप इलेक्ट्रिक या मशीन लर्निंग में बीटेक कर सकते हैं। रोबोटिक्स इंजीनियर को इसरो और माइक्रो चिप बनाने वाली कंपनियों में नौकरी आसानी से मिल सकती है।

कौन-कौन सी संस्था रोबोटिक्स  इंजीनियरिंग का कोर्स करवाती है?

  • (IIT Bombay)आईआईटी बॉम्बे
  • कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग( पुणे)
  • एसआरएम यूनिवर्सिटी (चेन्नई)
  • वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी.

8. बायो केमिकल इंजीनियरिंग

बायो केमिकल इंजीनियरिंग Image

बायोकेमिकल इंजीनियरिंग जैविक जीवाणु से संबंधित, डिजाइन प्रक्रिया से संबंधित अध्ययन करते हैं।इंजीनियर सेल्स, वायरस, प्रोटीन और अन्य जैविक पदार्थों के विकास और उनके मार्ग में आने वाले अवरोधों को दूर करते हैं। अन्य यौगिकों को बड़े पैमाने पर उत्पादन करते हैं जिनसे कि लोगों उनका  प्रयोग कर सकें। बायोकेमिकल इंजीनियरिंग केमिस्ट और बायोलॉजिस्ट के साथ मिलकर काम करते हैं। केमिकल से  जुड़े दस्तावेज भली-भांति तैयार है या नहीं इसकी भी देखरेख बायो केमिकल इंजीनियर के द्वारा ही की जाती है।

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इस आर्टिकल से हमने क्या जाना?

जिन विद्यार्थियों का साइंस स्ट्रीम होता है जिनके विषय फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ या बायलॉजी होते हैं। उन विद्यार्थियों का अधिकांश का सपना इंजीनियर बनने का ही होता है।ऐसे विद्यार्थी जो मैथ में अधिक रूचि रखते हैं, मैथ में काफी होशियार है 10वीं या 12वीं कक्षा में ही इंजीनियरिंग की तैयारी करना शुरू कर देते हैं। इसके बाद वह BE या BTECH  करते हैं।

बहुत सारे विद्यार्थियों को यह समझ नहीं आता है कि वह कौन से कॉलेज से और कौन सी शाखा में इंजीनियरिंग करें तो इस आर्टिकल में हमने आपको कुछ शाखाओं के बारे में बताया है और उन शाखाओं के कोर्स कौन-कौन सी बेस्ट कॉलेजेस में उपलब्ध है वह भी हमने आपको यहां पर बताया है!

उम्मीद है कि आर्टिकल “इंजीनियरिंग में कौन सी ब्रांच अच्छी है? इन ब्रांच में क्या क्या कार्य होते है? कौनसे कोर्स करने होते है?” आपको पसंद आया होगा,आर्टिकल पढ़ने के लिए धन्यवाद! अगर आपके फ्रेंड्स भी इंजीनियरिंग करना चाहते हैं और उन्हें इसके बारे में जानकारी चाहिए, तो इस आर्टिकल को आप ज्यादा से ज्यादा अपने फ्रेंड्स के साथ शेयर करें। और अगर आपको लगता है कि इस आर्टिकल में किसी प्रकार के सुधार की आवश्यकता है तो आप कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दे सकते हैं। आपकी राय का स्वागत होगा,धन्यवाद!

FAQ

बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के प्रमुख विषय कौन-कौन से हैं?

बायोकेमिस्ट्री, बायो प्रोसेस, पर्यावरण बायोटेक्नोलॉजी, एनवायरनमेंट स्टडी, ऑर्गेनिक केमिस्ट्री.

कौन-कौन से क्षेत्रों में बायो केमिकल इंजीनियर को जॉब मिल सकती है?

टेक्सटाइल कंपनी, हेल्थ केयर सेक्टर, पल्प एंड पेपर इंडस्ट्रीज, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, फूड इंडस्ट्री, प्लास्टिक एंड पॉलीमर इंडस्ट्री

कौन-कौन सी  कॉलेज है जो बायो केमिकल इंजीनियर का कोर्स करवाती है?

IIT Bombay, मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, एसआरएम यूनिवर्सिटी (चेन्नई), COPe ( पुणे), RVCE कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग।

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