इलेक्ट्रान की खोज किसने की थी? और कब की?

हमारा आज का विषय इलेक्ट्रान के बारे में है आज के इस लेख में आपको बतायंगे इलेक्ट्रान की खोज किसने की और कब की. उससे पहले आपको इलेक्ट्रान के बारे में बता दें की इलेक्ट्रान क्या है, आपकी जानकारी के लिए बता दें की इलेक्ट्रान लेपटोन परिवार के प्रथम पीढ़ी का सदस्य है जो गुरुत्वाकषरण, विघुत चुम्बकत्व एवं दुर्बल प्रभाव सभी में भूमिका निभाता है. तो चलिए इसी जानकारी को आगे बढ़ाते हुए आज आपको बताते है इलेक्ट्रान की खोज किसने की। इस ज्ञान को प्राप्त करने के लिए इस लेख को विस्तार से जरुर पढ़े।

इलेक्ट्रान की खोज किसने की?

इलेक्ट्रान की खोज ब्रिटेन के महान भौतिकविद जे.जे. थॉमसन (Joseph James Thomson) के द्वारा 1897 में की गई थी।  सर जे.जे. थोमसन एक विख्यात वैज्ञानिक थे, इनका जन्म 18 दिसम्बर 1856 को हुआ था। छोटी उम्र में ही थोमसन ने अपनी पढ़ाई को परमाणुओ की संरचना पर केन्द्रित किया। थोमसन को 1906 में गैसों में बिजली के संचालन पर उनके काम के लिए भौतिक में नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 1880 में इन्होने गणित में कला स्नातक की डिग्री प्राप्त की। 1883 में इन्होने मास्टर ऑफ़ आर्ट्स की डिग्री प्राप्त की।

इलेक्ट्रान की खोज कैसे हुई?

1838 में ब्रिटिश प्राकृतिक दार्शनिक रिचर्ड लोमिंग ने परमाणुओ के रासायनिक गुणों की व्याख्या कर्मणे के लिए विघुत आवेश की एक अभिव्च्य मात्रा की अवधारणा की परिकल्पना की आयरिश भौतिक विज्ञानी जोर्ज जॉनस्टोन ने 1891 में इसे इलेक्ट्रान नाम दिया.

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जे.जे थोमसन और ब्रिटिश भौतिकविदो की उनकी टीम ने इसे 1897 में एक कण के रूप में पहचाना। थोमसन ने जिस नलिका का प्रयोग किया था वह शीशे की नलिका थी जिसमे धातु के दो एलेक्ट्रोड़ लगे थे, नली में वायु या गैस को बाहर निकालने के लिए निर्वात पंप की व्यवस्था थी। जब नली में एलेक्ट्रोड के सिरों को दस हजार वाल्ट से जोड़ा गया तो पाया गया की कैथोड से इस प्रकार की किरणे उत्पन्न होती है. इससे यह पता चला की ये कण ऋणवेषित है क्यूंकि ये कैथोड से उत्पन्न थे इनको कैथोड किरण (cathod rays) कहा गया है।

थोमसन ने बार बार एकेक्ट्रोड़ की धातु बदलकर तथा नाली में ली गई गैस को बदलकर यह प्रयोग दोहराया किन्तु हर बार उन्हें एक ही बात देखने को मिली, अतः इन किरणों का नाम इलेक्ट्रान रखा गया।

इलेक्ट्रान कैसा होता है?

इलेक्ट्रान बहुत ही छोटे कण होते है और यह किसी भी परमाणु में उतनी ही संख्या में होते है जितनी संख्या में उस परमाणु में पॉजिटिव चार्ज पार्टिकल्स होते है। परिकर्म के दौरान इनकी स्पीड बहुत तेज होती है। इसकी गति इतनी तेज होती है की कोई भी इसका सही स्थान नही बता सकता. करंट का पैदा होना इन्ही कणों की गति और चाल पर निर्भर करता है।

इलेक्ट्रान में कण और वेव्स (waves) दोनों के गुण पाए जाते है, जब कोई इलेक्ट्रान किन्ही अन्य कणों से टकराता है तो यह प्रकाश उत्पन्न कर सकता है।

इलेक्ट्रान परमाणु के नाभिक के चारो और उपस्थित कक्षाओ को उर्जा स्तर कहते है जिन उर्जा स्तरों का आकार जितना अधिक बड़ा होता होता है उनमे इलेक्ट्रॉन्स की संख्या उतनी ही अधिक होती है।

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इलेक्ट्रान की विशेषता:

  • इलेक्ट्रान पदार्थ आवेशित मूल कण है अर्थात ये अन्य किसी कणों में विभाजित नही किया जा सकता।
  • इलेक्ट्रान के विघुत आवेश की मात्राएँ प्रोटोन के बराबर ही होती है, परन्तु प्रकृति परस्पर अलग होता है।
  • इलेक्ट्रान में कणों और तरंगो के गुण होते है।
  • इलेक्ट्रान के आकार बादलो के सामान है जो एक परमाणु के नाभिक के चारो और होते है।
  • एक इलेक्ट्रान एक निश्चित मात्रा में उर्चा रखता है।

इलेक्ट्रान में आवेश की जानकारी:

इलेक्ट्रान विघुत चुम्बकीय क्षेत्र के साथ बातचीत करके अपना चार्ज प्राप्त करता है। परम्परागत रूप से इसके आवेश को ऋणत्मक माना जाता है और इसका नाम- 1 परमाणु इकाई (e) निर्धारित किया गया है. इस पर- 1.6E-19 कूलाम्ब परिमाण का ऋण आवेश होता है।

इलेक्ट्रान की संख्या:

इलेक्ट्रान कण होते है उनमे से प्रत्येक पर-1 के बराबर ऋण आवेश होता है इसलिए उदासीन अवस्था में एक तत्व में इलेक्ट्रान और प्रोटोन बराबर की संख्या में होते है. जानकारी के लिए बता दें एक उपकोश में इलेक्ट्रोनो की अधिकतम संख्या =2(2I+1)’.f- उप्कोश के लिए l=3 इसलिए 14 इलेक्ट्रान f- उपकोश में आते है।

निष्कर्ष:

आज के इस लेख में आपको हमने इलेक्ट्रान की खोज किसने की और कुछ अन्य इलेक्ट्रान की जानकारी दी है। यह विषय एक सामन्य ज्ञान की बातो से जुड़ी हुयी है जिसकी जानकारी सभी को होनी चाहिए. आसन भाषा में इसी विषय में बताया जाए तो इलेक्ट्रान की मदद से बिजली का प्रवाह होता है। इलेक्ट्रान चार्ज को एक स्थान से दुसरे स्थान पर ले जाते है।

इलेक्ट्रान की खोज जे.जे. थोमसन ने की थी. आपकी जानकारी के लिए यह भी बता दें की परमाणु (Atom) के अंदर नाभिक केंद्र (Neucleus) होता है जिसमे प्रोटोन और न्यूट्रॉन साथ में रहते है और इलेक्ट्रॉन्स चारो और चक्कर लगाते है।

आशा करते है आपने इस लेख को विस्तार से पढ़ा होगा।

FAQ:

इलेक्ट्रान की खोज किसने की?

जे.जे. थोमसन

इलेक्ट्रान की खोज कब हुई?

1897.

इलेक्ट्रान पर कितना आवेश होता है?

1.6E-19

न्यूट्रॉन का आवेश कितना होता है?

शून्य (0).

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