भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है? राष्ट्रपति की शक्तियां,कार्य और कर्तव्य क्या क्या है?

भारत के महामहिम राष्ट्रपति जो भारत के सर्वश्रेष्ठ नागरिक और सर्वप्रथम नागरिक हैं आज उनके कर्तव्य और काम के वारे में विस्तार रूप से जानेंगे। यह Post आपके लिए बहत काम का साधारण ज्ञान बटोरने में मददगार होगा तो हमारे आजके पोस्ट भारत के राष्ट्रपति कौन है? भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है? राष्ट्रपति के शक्तियां,कार्य और कर्तव्य क्या क्या है? को अंत तक जरूर पढ़ें। 

Table of Contents

भारत के राष्ट्रपति कौन है?

वर्तमान समय में भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी हैं।

राष्ट्रपति कौन होते हैं?

भारत का राष्ट्रपति राज्य के प्रमुख होते हैं। वह भारत के पहले नागरिक हैं और राष्ट्र की एकजुटता, एकता और अखंडता के प्रतीक हैं। वह उपराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, मंत्रिपरिषद और भारत के महान्यायवादी के साथ केंद्रीय कार्यकारिणी का हिस्सा हैं।

भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?

भारतीय राष्ट्रपति के लिए कोई प्रत्यक्ष चुनाव नहीं है। एक इलेक्टोरल कॉलेज के द्वारा राष्ट्रपति के चुनाव होता है। राष्ट्रपति के चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा,राज्यों की विधान सभाओं,केंद्र शासित प्रदेशों दिल्ली और पुडुचेरी की विधानसभाएं मतदान करते हैं। 

राष्ट्रपति बनने के लिए सर्त और योग्यता क्या क्या है?

राष्ट्रपति बनने के लिए उम्मीदवार के पास इन सब योग्यता होना चाहिए:

  • वो एक भारतीय नागरिक होना चाहिए। 
  • उनकी उम्र कम से कम 35 साल होनी चाहिए। 
  • उन्हे लोकसभा के सदस्य के रूप में चुने जाने की शर्तों को पूरा करना चाहिए। 
  • उन्हे केंद्र सरकार, राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक प्राधिकरण के अधीन लाभ का कोई पद नहीं रखना चाहिए।

और अगर सर्तों की बात करें तौ उन्हे निम्न लिखित सरतों को पूरा करना चाहिए।   

  • वह लोकसभा और राज्यसभा का सदस्य नहीं हो सकते और यदि वह किसी भी सदन का सदस्य रहे हैं, तो उनके कार्यालय में राष्ट्रपति के रूप में अपने प्रथम दिवस के पहले ही उस सदस्यता से इस्तफा देना होगा। 
  • भारत के संसद राष्ट्रपति के परिलब्धियों, भत्तों और विशेषाधिकारों का निर्धारण करेगा। 
  • संसद उनके कार्यकाल के दौरान उनके परिलब्धियों और भत्तों को कम नहीं कर सकता। 
  • उन्हें किसी भी आपराधिक कार्यवाही से छूट दी गई है, यहां तक ​​कि उनके व्यक्तिगत कृत्यों के संबंध में भी तो राष्ट्रपति के गिरफ्तारी या कारावास नहीं हो सकता। उसके व्यक्तिगत कृत्यों के लिए केवल दो महीने की पूर्व सूचना देने के बाद ही दीवानी कार्यवाही शुरू की जा सकती है।

राष्ट्रपति की शक्तियां और राष्ट्रपति के कार्य

1.राष्ट्रपति के कार्यकारी शक्तियां

  • भारत सरकार द्वारा की जाने वाली प्रत्येक कार्यकारी कार्रवाई उनके नाम से लिया जाता है। 
  • वह केंद्र सरकार के व्यवसाय के लेन-देन को सरल बनाने के लिए नियम बना सकते हैं। 
  • राष्ट्रपति भारत के अटॉर्नी जनरल की नियुक्ति करते हैं और पारिश्रमिक निर्धारित करते हैं। 
  • उनके द्वारा निम्नलिखित लोगों को नियुक्ति होता है:
  • भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG)
  • मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त
  • संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्य
  • राज्य के राज्यपाल
  • भारत के वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्य
  • राष्ट्रीय आयोग 
  • अंतर्राज्यीय परिषद
  • केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक

राष्ट्रपति किसी भी क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र घोषित कर सकते हैं और उनके पास अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में शक्तियां हैं। 

राष्ट्रपति केंद्र सरकार से प्रशासनिक जानकारी मांग कर उसकी निरीक्षण करते हैं। 

2.राष्ट्रपति के विधायी शक्तियां

  • राष्ट्रपति संसद को बुलाते हैं या संसद सत्रावसान करते हैं और लोकसभा को भी भंग करते हैं। 
  • गतिरोध की स्थिति में राष्ट्रपति लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक बुलाते हैं। 
  • वो प्रत्येक आम चुनाव के बाद पहले सत्र की शुरुआत में भारतीय संसद को संबोधित करते हैं। 
  • राष्ट्रपति लोकसभा के स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और राज्यसभा के चेयरमैन/डिप्टी चेयरमैन की नियुक्ति करते हैं जब सीटें खाली हो जाती हैं 
  • वह राज्यसभा के 12 सदस्यों को मनोनीत करते हैं। 
  • वो एंग्लो-इंडियन समुदाय से लोकसभा के लिए दो सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं। 
  • राष्ट्रपति सांसदों की अयोग्यता के सवालों पर भारत के चुनाव आयोग से परामर्श करता है।
  • वो अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं। 
  • राष्ट्रपति संसद के समक्ष नियंत्रक और महालेखा परीक्षक,संघ लोक सेवा आयोग,वित्त आयोग,आदि रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं। 

3.राष्ट्रपति के वित्तीय शक्तियां

  • राष्ट्रपति के पूर्व अनुशंसा होने के वाद ही धन विधेयक पेश किया जाता है और उनके अनुमति से ही केंद्रीय बजट को संसद के सामने पेश किया जाता है। 
  • अनुदान की मांग करने के लिए, राष्ट्रपति सिफारिश लिया जाता है। 
  • राष्ट्रपति भारत की आकस्मिकता निधि को नियंत्रण करते हैं। 
  • वह हर पांच साल में वित्त आयोग का गठन करते हैं। 

4.राष्ट्रपति के न्यायिक शक्तियां

  • राष्ट्रपति के द्वारा मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय/उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति होती है
  • राष्ट्रपति भारत की सर्वोच्च न्यायालय से सलाह लेते हैं पर इस सलाह को कार्यकारी करना उनके ऊपर निर्भर करता है। 
  • राष्ट्रपति के पास क्षमा करने की शक्ति है: अनुच्छेद 72 के तहत, उन्हें संघ कानून के खिलाफ अपराध के लिए सजा, मार्शल कोर्ट द्वारा सजा, या मौत की सजा के लिए क्षमा प्रदान करने की शक्ति प्रदान की गई है।

5.राष्ट्रपति के राजनयिक शक्तियां

  • संसद द्वारा अनुमोदित अंतर्राष्ट्रीय संधियों और समझौतों पर बातचीत की जाती है और उनके नाम पर निष्कर्ष निकाला जाता है
  • राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय मंचों और मामलों में भारत के प्रतिनिधित्व करते हैं। 

6.राष्ट्रपति के सैन्य शक्तियाँ

  • राष्ट्रपति भारत के रक्षा बलों के कमांडर हैं और वो 3 रक्षा बलों को प्रमुख स्थल सेना प्रमुख,नौसेना प्रमुख, वायु सेना प्रमुख नियुक्त करते हैं। 

7.राष्ट्रपति के आपातकालीन शक्तियां

राष्ट्रपति भारतीय संविधान में दी गई तीन प्रकार की आपात स्थितियों से निपटते हैं:

  • राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352)
  • राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356 और 365)
  • वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360)

8.राष्ट्रपति के अन्यान्य शक्तियां

अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति की अध्यादेश बनाने की शक्ति से संबंधित है। राष्ट्रपति के पास कई विधायी शक्तियाँ हैं और यह शक्ति उनमें से एक है। वह केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश पर एक अध्यादेश जारी करते हैं। 

राष्ट्रपति का VETO (वीटो) पावर क्या है?

जब कोई विधेयक संसद में पेश किया जाता है, तो संसद विधेयक को पारित कर सकती है और विधेयक के अधिनियम बनने से पहले, इसे भारतीय राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करना होता है। यह भारत के राष्ट्रपति पर है कि वह या तो बिल को अस्वीकार कर दें, बिल को वापस कर दें या बिल पर अपनी सहमति रोक दें। विधेयक पर राष्ट्रपति के चुनाव उनके VETO (वीटो) शक्ति कहलाता है। भारत के राष्ट्रपति की VETO पावर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 111 द्वारा निर्देशित है।

ये भी पढ़ें – 

भारत के प्रधानमंत्री की सूची

भारत के राष्ट्रपति कौन है? भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है? – अंतिम बात

उम्मीद करते हैं हमारा ये पोस्ट “भारत के राष्ट्रपति कौन है? भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है? राष्ट्रपति के शक्तियां,कार्य और कर्तव्य क्या क्या है?विस्तृत रूप से समझाने में सक्षम रहा। अगर आप को हमारा Post पसंद आया तो आपकी Comments का अपेक्षा करेंगे और Post को Share करना भी ना भूलें धन्यवाद।

FAQs

भारत में अभी तक कितने राष्ट्रपति बन चुके हैं?

1950 से ले कर 2021 तक कुल 14 राष्ट्रपति बन चुके हैं। 

भारत के सर्व प्रथम राष्ट्रपति कौन थे?

Dr. राजेन्द्र प्रसाद। 

राष्ट्रपति के कार्यकाल कितने वर्षों तक होता है?

5 साल और अगर पुनः नियुक्त होते हैं तो फिर 5 साल। 

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