भारत का रेल मंत्री कौन है? Bharat Ke Rail Mantri Kaun Hai?

भारत एक लोकतांत्रिक देश है, लोकतंत्र का मतलब होता है जनता का शासन। जनता मतदान के माध्यम से अपने प्रतिनिधि को चुनती है, और उस प्रतिनिधि के द्वारा भारत का शासन संचालन किया जाता है। भारत में प्रत्येक विभाग के लिए एक मंत्री होता है, जो कि उस विभाग का सर्वश्रेष्ठ अधिकारी होता है, उसी मंत्री के द्वारा उस विभाग की पूरा दिशा निर्देश किया जाता है। उस विभाग की पूरी जिम्मेदारी ली जाती है। भारत सरकार द्वारा बहुत सारे विभाग बनाए गए हैं, जैसे कि खेल विभाग, खनन विभाग, पर्यावरण विभाग, गृह विभाग, रक्षा विभाग, वित्त विभाग, इनमें से एक विभाग होता है, रेल विभाग जो कि एक बहुत ही महत्वपूर्ण विभाग है। 

रेल परिवहन एक बहुत ही महत्वपूर्ण परिवहन होता है, और रेल परिवहन का जो बजट है वह भी एक महत्वपूर्ण विषय रहता है, एक महत्वपूर्ण योगदान देश की सकल घरेलू उत्पाद में रेल परिवहन के द्वारा दिया जाता है। तो इस पोस्ट में वर्तमान भारत का रेल मंत्री कौन है, और स्वतंत्रता से लेकर अब तक जितने भी रेल मंत्री बने हैं, उन सब के नाम और उनका कार्यकाल? उसकी लिस्ट भी हम आपको इस पोस्ट में जानकारी देंगे। तो आप इस पोस्ट को शुरू से अंत तक पढ़े ताकि आप रेल मंत्रियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सके। और वर्तमान के रेल मंत्री का नाम और उनके बारे में भी कुछ जानकारियां प्राप्त कर सके।

वर्तमान भारत का रेल मंत्री कौन है? भारत के रेल मंत्री के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

वर्तमान भारत के रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी है। अश्विनी वैष्णव एक भारतीय राजनेता और पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं। जो वर्तमान में 8 जुलाई 2021 से भारत सरकार में रेल संचार व इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के रूप में कार्यरत है। अश्विनी वैष्णव जी का जन्म 18 जुलाई 1970 को राजस्थान के जोधपुर जिले में हुआ, यह मूल रूप से पाली के एक गांव में रहने वाले हैं फिर यह और इनका परिवार स्थाई रूप से जोधपुर में आकर रहने लगे थे।

इनकी स्कूली शिक्षा सेंट एंथोनी कान्वेंट स्कूल जोधपुर और महेश स्कूल जोधपुर से हुई है। उन्होंने 1991 में एमबीए इंजीनियरिंग कॉलेज जोधपुर से इलेक्ट्रॉनिक व संचार इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। 1994 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में 27 वी रैंक प्राप्त की और उड़ीसा कैडर के आईएएस अधिकारी बने। 2008 में पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल से एमबीए किया जो कि अमेरिका में स्थित है।

भारत के भूतपर्व रेल मंत्री पीयूष गोयल जी के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

श्री पीयूष गोयल भारतीय संसद के उच्च सदन के सदस्य तथा पूर्व 2017 से 2019 में रेलवे और कोयला मंत्री थे। उनके पास दो बार वर्ष 2018 और 2019 में वित्त और कॉरपोरेट्स कार्यालय मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी था। पूर्व में विद्युत कोयला नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और खान में राज्य मंत्री थे। गोयल जी के कार्यकाल में भारतीय रेलवे में वर्ष 2018 से 2019 में अब तक का सर्वोत्तम सुरक्षा रिकॉर्ड प्राप्त किया है। इस रिकॉर्ड को सर्वांगीण उपाय जैसे बड़ी लाइन नेटवर्क से मानव रहित लेवल क्रॉसिंग को हटाना, सुरक्षित कोचों का उत्पादन, आदि के माध्यम से प्राप्त किया गया।

इसके अतिरिक्त श्री पीयूष गोयल के कार्यकाल में दिल्ली व वाराणसी के बीच चलने वाली प्रथम स्वदेशी अर्ध उच्च गति रेलगाड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ भी किया गया। भारत के ऊर्जा क्षेत्र में पथ प्रदर्शक परिवर्तनों के लिए श्री पीयूष गोयल जी ने वर्ष 2018 में चौथा वार्षिक कार्नो पुरस्कार भी प्राप्त किया है। इनका शानदार शैक्षणिक रिकॉर्ड रहा है, अखिल भारत में वे दूसरे रैंक धारित चार्टर्ड अकाउंटेंट, तथा मुंबई विश्वविद्यालय में लॉ  में दूसरे रैंक धारक हैं। उन्होंने भारत के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक, और बैंक ऑफ बड़ौदा में भी काम किया है।

इनके पिता स्वर्गीय श्री वेद प्रकाश गोयल केंद्रीय नौवहन मंत्री थे तथा 2 दशकों से अधिक समय के लिए भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भी रहे। उनकी माता चंद्रकांता गोयल जी मुंबई से महाराष्ट्र विधानसभा के लिए तीन बार चुनी गई है, इनके दो संतान हैं एक लड़का है जिसका नाम धुर्वे है और एक लड़की है जिसका नाम राधिका है।

स्वतंत्रता से लेकर वर्तमान तक सभी रेल मंत्रियों के नाम और उनके कार्यकाल की सूची

रेल मंत्री का नाम

कार्यकाल

जॉन मथाई

15 अगस्त 1947 से 22 सितंबर 1948

गोपाल स्वामी आयंगर

22 सितंबर 1948 से 13 मई 1952

लाल बहादुर शास्त्री

13 मई 1952 से 7 दिसंबर 1956

जगजीवन राम

7 दिसंबर 1956 से 10 अगस्त 1962

स्वर्ण सिंह

10 अगस्त 1962 से 21 सितंबर 1963

एचसी दसप्पा

21 सितंबर 1963 से 8 जून 1964

एसके पाटिल

9 जून 1964 से 12 मार्च 1967

सीएम पुंचा

13 मार्च 1967 से 14 फरवरी 1969

राम सुभाग सिंह

14 फरवरी 1969 से 4 नवंबर 1969

पी गोविंद मेनन

चरणों पर 1969 से 18 फरवरी 1970

गुलजारीलाल नंदा

18 फरवरी 1970 से 17 मार्च 1971

के हनुमाथया

18 मार्च 1971 से 22 जुलाई 1972

टी ए पाई

22 जुलाई 1972 से 4 फरवरी 1973

ललित नारायण मिश्र

5 फरवरी 1973 से 2 जनवरी 1975

कमलापति त्रिपाठी

2 जनवरी 1975 से 23 मार्च 1977

मधु दंडावते

26 मार्च 1977 से 28 जुलाई 1979

टी ए पाई

30 जुलाई 1979 से 13 जनवरी 1980

कमलापति त्रिपाठी

14 जनवरी 1980 से 12 नवंबर 1980

केदार पांडे

12 नवंबर 1980 से 14 जनवरी 1982

प्रकाश चंद्र शेट्टी

15 जनवरी 1982 से 2 सितंबर 1982

बंसीलाल

31 दिसंबर 1984 से 4 जून 1986

मोहसीन किदवई

24 जून 1986 से 21 अक्टूबर 1986

माधवराव

22 अक्टूबर 1986 से 1 दिसंबर 1989

जॉर्ज फर्नांडिस

5 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990

जनेश्वर मिश्र

21 नवंबर 1990 से 21 जून 1991

सीकर जफर शरीफ

21 जून 1991 से 16 अक्टूबर 1995

रामविलास पासवान

1 जून 1996 से 19 मार्च 1998

नीतीश कुमार

19 मार्च 1998 से 5 अगस्त 1999

राम नाईक

6 अगस्त 1999 से 12 अक्टूबर 1999

ममता बनर्जी

12 अक्टूबर 1999 से 15 मार्च 2001

नीतीश कुमार

20 मार्च 2001 से 22 मई 2004

लालू प्रसाद यादव

23 मई 2004 से 25 मई 2009

ममता बनर्जी

26 मई 2009 से 19 मई 2011

दिनेश त्रिवेदी

12 जुलाई 2011 से 14 मार्च 2012

मुकुल रॉय

20 मार्च 2012 से 21 सितंबर 2012

सीपी जोशी

22 सितंबर 2012 से 28 अक्टूबर 2012

पवन कुमार बंसल

28 अक्टूबर 2012 से 10 मई 2013

सीपी जोशी

11 मई 2013 से 16 जून 2013

मल्लिकार्जुन

17 जून 2013 से 25 मई 2014

सीवी सदानंद

26 मई 2014 से 9 नवंबर 2017

सुरेश प्रभु

10 नवंबर 2017 से 3 सितंबर 2017

पीयूष गोयल

3 सितंबर 2017 से वर्तमान तक

निष्कर्ष

तो इस पोस्ट में हमने आपको वर्तमान भारत का रेल मंत्री कौन है बताया है। रेल विभाग एक बहुत ही महत्वपूर्ण विभाग होता है, रेल विभाग के बजट को सामान्य बजट से अलग रखा गया है। क्योंकि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बजट है, और भारत की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, उम्मीद है कि यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी, अगर हां!

तो इसे अपने दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, ताकि वह भी इस प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सके। और अगर आपको लगता है कि हमसे इस पोस्ट में कोई त्रुटि हुई है तो आप कमेंट बॉक्स में आप राय जरूर दे सकते हैं। हमे आपकी राय का स्वागत होगा। और ऐसे ही अन्य विषय पर हमारे पोस्ट पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट को दोबारा से जरूर विजिट करें।

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FAQs

रेलवे बजट को कब सामान्य बजट से अलग किया गया?

रेलवे बजट को 1924 -25 में सामान्य बजट से अलग किया गया।

कौन सी समिति की सिफारिश पर रेलवे बजट को सामान्य बजट से अलग किया गया?

आर्क वर्थ कमेटी की सिफारिश पर रेलवे बजट को सामान्य बजट से अलग किया गया।

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