Bhai Dooj Kya Hota Hai? Bhai Dooj Me Kya Hota Hai? भाई दूज क्या है? और क्यूँ मनाया जाता है?

नमस्कार दोस्तों, हर साल दुर्गा पूजा में बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और सुख समृद्दि के लिए भाई दूज का ब्रत रखते हैं। क्या आपने काभी ये जानने की कोशिस किए हैं की भाई दूज ब्रत रखना कैसे आरंभ हुआ था?

Bhai Dooj Kya Hota Hai? अगर आप जानने में इच्छुक हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आए हैं। इस लेख में हम भी दूज क्या है और क्यूँ मनाया जाता है बताए हैं और उसके साथ भी दूज की आरंभ से जुड़े कहानियाँ भी आप इस लेख “Bhai Dooj Kya Hota Hai? Bhai Dooj Me Kya Hota Hai? और क्यूँ मनाया जाता है?” में पढ़ सकते हैं तो इस लेख को एंड तक जरूर पढ़ें। इससे पहले की जाने भाई दूज क्या होता है और Bhai Dooj Me Kya Hota Hai? आइये जान लेते है की एक भाई कौन होता है?

भाई क्या होता है? या भाई कौन होता है? Bhai Kya Hota Hai

भाई एक आदमी या लड़का होता है जो एक माता-पिता को दूसरे के साथ साझा करता है। महिला या कोई लड़की समकक्ष को बहन माना जाता है। हालांकि यह “भाई या BROTHER” शब्द आम तौर पर एक पारिवारिक रिश्ते को संदर्भित करता है, लेकिन कभी-कभी इसे गैर-पारिवारिक संबंधों जैसे दोस्तों को संदर्भित करने के लिए प्यार से इस्तेमाल किया जाता है। एक पूर्ण भाई एक प्रथम श्रेणी का रिश्तेदार है।
एक तरीके से देखा जाये तो भाई वही है जिसे आप प्यार करते हैं और सम्मान करते हैं। एक भाई का खून से संबंधित भाई होना जरूरी नहीं है।

Bhai Dooj Kya Hota Hai?

Bhai Dooj Kya Hota Hai?

भाई दूज का पर्व पूरे देश में 6 नवंबर 2021 यानी शनिवार को मनाया जाएगा. भाई दूज हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने माथे पर तिलक लगाकर अपने भाई की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए व्रत, पूजा और कथा सुनाकर प्रार्थना करती हैं। बदले में भाई उनकी रक्षा करने का संकल्प लेते हुए उपहार देते हैं।

भाई दूज 1 हिंदुओं के द्वारा पालन किया जाने वाला पर्व है। ये पर्व शुक्ल पक्ष मैं पड़ता है। ये त्योहार रक्षा बंधन जैसा ही है। यह त्योहार के दिन बहन अपने भाई के लिए व्रत रखती है। बहन भाई की आरती उतारती है । इस पर्व के दिन बड़े भाई अपने बहनों को उपहार भी देते हैं। इस त्योहार मैं बहन अपने भाई के लंबी उम्र की कामना करती है। जिनका भाई नही होता वे चंद्रमा को भाई मानकर ये व्रत रखती है और इसीलिए हिंदू घरों में बच्चो को चंदा मामा बोलकर सिखाया भी जाता है।

भाई दूज कैसे सुरु हुआ? 

इस पावन पर्व के शुरुआत होने के कई सारे कहानियां है। 

1 कहानी यह कहता है की श्री कृष्ण इसी दिन पर मरकासुर नमक एक दैत्य को मार कर वापस लौटे थे और उनकी बहन सुभद्रा उनको स्वागत करने के लिए उनके माथे पर तिलक लगाए थी। उसी दिन से हर साल इस दिन को भाई दूज के नाम से मनाया जाता है।

और भी 1 कहानी की मान्यता ये है की इसी दिन पर ही यमराज ने अपनी बहन यमुना को मिले थे और उसी दिन से इस दिन को भाई दूज के नाम से जाना जाता है। इसी मान्यता से ही इस दिन का और 1 नाम भी है यमद्वित्य।

Bhai Dooj Me Kya Hota Hai? इस दिन की खासियत क्या है?

ये त्योहार हिंदू परंपरा मैं 1 भाई और बहन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भाई दूज का असली अर्थ हम भाई और दूज के अर्थ को समझ कर जान सकते है। भाई का अर्थ तो हम सबको पता ही है इसमें कोई नई बात नही है लेकिन दूज का मतलब होता है त्योहार का दिन। भाई और बहन के बीच जो प्रेम और स्नेह का बंधन होता है उसी को पालन करने के लिए ये त्योहार मनाया जाता है। जैसे बहन भाई के लिए उसका मन पसंद खाना बनाती है और खुद व्रत रखती है उसी प्रकार भाई भी अपनी बहन को हमेशा प्यार करने के साथ साथ उसकी सुरक्षा करने की ज़िम्मेदारी लेता है।

भाई दूज का अलग अलग जगह पर अलग नाम

  • उत्तर भारत मैं इस पर्व को भाई दूज ही कहा जाता है। उत्तर भारत मैं दिवाली के समय पर यह पर्व मनाया जाता है।
  • नेपाल जो हमारा पड़ोसी मुल्क है, वहां इस त्योहार को भाई टीका कहते हैं। तिहार के पर्व के 5 दिन बाद ही नेपाल मैं भाई टीका मनाया जाता है। नेपाल मैं ये पर्व दूसरा सबसे ज्यादा धूम धाम से मनाया जाने वाला पर्व हैं।
  • बंगाल मैं ये पर्व काली पूजा के 2 दिन बाद मनाया जाता है। इस पर्व को वहां भाई फोंट कहते हैं। 
  • ओडिशा मैं पर्यतः ये पर्व पश्चिम ओडिशा मैं मनाया जाता है। पश्चिम ओडिशा के लोग इस पर्व को भाई जिऊंतीआ के नाम से जाना जाता है।
  • मराठी और गुजराती संप्रदाय के लोग इस पर्व को भाऊ बीज या फिर भाव बीज भी कहते हैं। महाराष्ट्र, गोआ और गुजरात मैं ये पर्व इसी नाम से मनाया जाता है।
  • दक्षिण भारत के लोग इस पर्व को यमद्वितीया के नाम से जानते है। 
  • आंध्रप्रदेश और तेलंगाना मैं इस पर्व को भगिनी हस्त भोजनामु के नाम से पालन करते हैं। 

 

निष्कर्ष

हर साल हमारी प्यारी बहनें एक दिन का ब्रत रख के हमारे लंबी उम्र और सुख समृद्दि के प्रार्थना करते हैं। धन्य है हमारी भारतीय संस्कृति जिसमे भी और बहन की रिश्ता को और भी मजबूत करने के लिए भी एक पवित्र दिन प्राप्त हुआ है। 

आपको यह लेख “Bhai Dooj Kya Hota Hai? Bhai Dooj Me Kya Hota Hai? और क्यूँ मनाया जाता है?” कैसा लगा हमे कमेंट्स करके जरूर बताएं और लेख को आपकी बहनों के साथ जरूर शेयर करें धन्यवाद। 

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