वर्तमान में भारत के शिक्षा मंत्री कौन है 2022 | Bharat Ke Shiksha Mantri Kaun Hai

शिक्षा इंसान में आने वाली बहुत ही काम की चीज है, शिक्षा प्राप्त करने का हक़ इस दुनिया के रहने वाले हर इंसान का होता है। जो गरीब बच्चे आर्धिक स्थति ठीक ना होने के वजह से शिक्षा प्राप्त नही कर पाते है उनके लिए भारत में  सरकार ने कई योजना बनाई है,सरकारी स्कुल हर शहर और गाँवों में स्थित रहता है जिसमे निः शुल्क में बच्चो को पढ़ाया जाता है और किताबे दी जाती है।जिससे वह बच्चो को भी पढ़ने का अधिकार प्राप्त होता है।आज हम जानेंगे भारत के शिक्षा मंत्री कौन है?(Bharat Ke Shiksha Mantri Kaun Hai)शिक्षा मंत्री के क्या कार्य होते है आदि।

भारत के शिक्षा मंत्री कौन है? (Bharat Ke Shiksha Mantri Kaun Hai)

भारत के शिक्षा मंत्री कौन है?: हमारे देश के वर्तमान शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान हैं। धर्मेन्द्र प्रधान उड़ीसा के प्रतिनिष्ठ राजनेता है। धर्मेन्द्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा के सदस्य है।प्रधान जी का जन्म २६ जून १९६९ में उड़ीसा में हुआ था। इन्होने अपनी राजनितिक करियर की शुरुआत विद्यार्धी राजनीति से की थी।

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प्रधान जी ने २००४ में राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा था तब वह देवगढ़ से लोकसभा का चुनाव जीते थे।७ जुलाई २०२१ को धर्मेन्द्र ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में शपथ लिया,२०१४ में चुने गए नरेन्द्र मोदी सरकार तहत उन्होंने पेट्रोलियम और मंत्रालय के राज्य मंत्री के रूप में काम किया, प्रधान जी को २०१७,३ सितम्बर को कैबिनेट मंत्री के रूप में पदोन्नत किया गया।धर्मेन्द्र प्रधान जी देबेन्द्र प्रधान के पुत्र है, जो १९९९-२००४ तक वाजपयी सरकार के मंत्री भी थे।

शिक्षा मंत्री का क्या कार्य होता है?

शिक्षा मंत्री के कार्य शिक्षा के प्रति बहुत अहम होते है।शिक्षा मंत्री को छात्रों से जुड़े मामलो में कई अहम फैसले लेने होते है।छात्रो को भी शिक्षा मंत्री से कई सारी उम्मीदे होती है।यह मंत्रालय बेहद ख़ास और जिम्मेदारियों वाला मंत्रालय है, जैसे की आप जानते है कोरोना की महामारी ने पूरी दुनिया का हाल बेहाल कर रखा था इस महामारी के चलते विद्यार्धियो का स्कूल जाना उचित नही था।

परन्तु इनकी शिक्षा भी जरुरी थी,तब यह सब कार्य भी शिक्षा मंत्री ने संभाला था।उस महामारी के दोरान ऑनलाइन पढाई चालू करा दी गयी थी और परीक्षा भी ऑनलाइन हुइ जिससे बच्चो का साल खराब न हुआ और वह आगे की कक्षा में प्रवेश कर सके।

भारत के शिक्षा मंत्री का सबसे पहला कार्य यह सनुश्चित करना होता है की शिक्षा के क्षेत्र में सभी छात्र की भागीदारी हो,और सभी बच्चो को निः शुल्क शिक्षा मिल सके इस पर कार्य करना,बच्चो को अच्छी से अच्छी शिक्षा देना जिससे बच्चो का भविष्य उज्जवल हो।सरकारी के स्कूल पहले हिंदी माध्यम होते थे आज कल कई क्षेत्रो में सरकारी स्कूल को अंग्रेजी माध्यम कर दिया गया है जिससे हर छात्रों को अंग्रेजी सिखने का भी हक़ मिल सकता है।

प्रथम भारतीय शिक्षा मंत्री:

भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री कौन है?: भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद थे,शिक्षा के प्रति उनके द्वारा किये गए कार्य की वजह से ही पंडित जवाहरलाल नेहरु ने उन्हें देश का पहला शिक्षा मंत्री बनाया था।अबुल कलाम जी एक प्रसिद्ध भारतीय मुस्लिम विद्वान थे, १९२३ में वह भारतीय कांग्रेस के सबसे कम उम्र के प्रेसिडेंट बने थे।

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आजादी के बाद वे भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के रामपुर जिले से १९५२ में सांसद चुने गए और वे भारत के पहले शिक्षा मंत्री बने।उन्होंने ११ वर्षो तक राष्ट्र की शिक्षा नीति का मार्गदर्शन किया. अबुल कलाम आजाद के लिए हर साल राष्ट्रीय शिक्षा दिवस भी मनाया जाता है, मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती के अवसर पर ११ नवम्बर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है।

भारत के शिक्षा मंत्री की सूचि:

 

नाम 

कार्यकाल

मौलाना अबुल कलाम आजाद

15 अगस्त 1947- 22 जनवरी 1958

डॉ.के.एल. श्रीमली

22 जनवरी 1958- 31अगस्त 1963

हुमायूं कबीर

01 सितम्बर 1963-21 नवम्बर 1963

एम.सी.सी.छागला.

21 नवम्बर 1963-13 नवम्बर 1966

फखरुद्दीन अली अहमद 

14 नवम्बर 1966- 13 मार्च 1967

डॉ.त्रिगुण सेन

16 मार्च 1967- 14 फरवरी 1969

डॉ.वी.के.आर.वी.राव.

14 फरवरी 1969-18 मार्च 1971

सिद्धार्थ शंकर रे

18 मार्च 1975-20 मार्च 1972

प्रो.एस.नुरुल हसन

24 मार्च  1972-24 मार्च 1977

प्रो.प्रताप चन्द्र चंदर 

26 मार्च 1977-28 जुलाई 1979

डॉ.किरन सिंह

30 जुलाई 1979-14 जनवरी 1980

बी.शंक्रंद 

14 जनवरी 1980-17 अक्टूबर 1980

एम.बी,चव्हाण

17 अक्टूबर 1980-08 अगस्त 1981

शीला कौल

10 अगस्त 1981-31 दिसम्बर 1984

के.सी.पंत

31 दिसम्बर 1984-25 सितम्बर 1985

पी.वी.नरसिंह.राव

25 सितम्बर 1985-25 जून 1988

पी.वी.नरसिंह राव

25 दिसम्बर 1994-09 फरवरी 1995

पी.वी.नरसिंह राव

17 जनवरी 1996-16 मई 1996

पी.शिव.शंकर.

25 जून 1988-02 दिसम्बर 1989

वी.पी.सिंह.

02 दिसम्बर 1989-10 नवम्बर 1990

राजमंगल पांडे 

21 नवम्बर 1990-21 जून 1991

अर्जुन सिंह 

23 जून 1991-24 दिसम्बर 1994

अर्जुन सिंह 

22 मई 2004-22 मई 2009

माधवराव सिंधिया 

10 फरवरी 1995-17 जनवरी 1996

अटल बिहारी वाजपेयी 

16 मई 1996-01 जून 1996

एस.आर.बोम्मई

05 जून 1996-19 मार्च 1998

डॉ.मुरली.मनोहर जोशी

19 मार्च 1998-21 मई 2004

श्री कपिल सिब्बल

22 मई 2009-28 अक्टूबर 2012

एम्.एम्. पल्लम राजू

29 अक्टूबर 2012-25 मई 2014

स्मृति ईरानी 

26 मई 2014-05 जुलाई 2016

प्रकाश जावडेकर 

05 जुलाई 2016-30 मई 2019

रमेश पोखरियाल 

30 मई 2019-07 जुलाई 2021

धर्मेन्द्र प्रधान

07 जुलाई 2021- अब तक

   

 

शिक्षा मंत्रालय के मुख्य उद्देश्य:

शिक्षा का मुख्य उद्देश्य बच्चो के भीतर विचार और कर्म की स्वतंत्रता विकसित करना,दुसरो के कल्याण और उनकी भावनाओं के प्रति संवेदनशील पैदा करना, और बच्चो को नईं परिस्थतियो के प्रति लचीले ओर मौलिक ढंग से पेश आने में मदद करना है. अतः शिक्षा के सार्व्ज्निकर्ण का उद्देश्य छात्रों का नैतिक एवं चारित्रिक विकास करना है. शिक्षा पर राष्ट्रीय निति तैयार करना और यह सुनिश्चित करना की यह पत्र और भावना में लागू हो पुरे देश में शिक्ष्ण संस्थानों की पहुँच और सुधर सहित योजनाबद्ध विकास उन क्षेत्रो में शामिल है, जहाँ लोगो को आसानी से पहुँच उपलब्ध नही है. शिक्षा मंत्रालय का मुख्य उदेश्य सामाज के वंचित वर्गों के छात्र को योग्य बनाना है.

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निष्कर्ष (भारत के शिक्षा मंत्री कौन है?):

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FAQ:

भारत का प्रधम शिक्षा मंत्री कोन थे?

भारत का प्रधम शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद थे

भारत के शिक्षा मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

 शिक्षा मंत्रालय का मुख्य उदेश्य सामाज के वंचित वर्गों के छात्र को योग्य बनाना है.

भारत में शिक्षा दिवस कब मनाया जाता है?

मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती के अवसर पर ११ नवम्बर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है।

भारत के वर्तमान शिक्षा मंत्री कोन है?

धर्मेन्द्र प्रधान

धर्मेन्द्र प्रधान किसके सदस्य है?

भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा के सदस्य है.

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