बार्ली के फायदे क्या है? तथा इसके उपयोग एवं नुकसान

बार्ली को संस्कृत भाषा में “यव” कहते है,अंग्रेजी में “बार्ली” कहते है,और हिंदी में इसे “जौ” कहते है। आज हम आपको बार्ली क्या है और इसकी महत्वपूर्ण बात बताएँगे। बार्ली के फायदे, उपयोग और भी बहुत कुछ जानने के लिए इसे पूरा पढ़े।

बार्ली क्या होता है?

हम सब ने बहुत से अनाजो के बारे में सुना है,गेहूं,चावल आदि उसी तरह बार्ली भी एक प्रकार का अनाज है। यह बाकी अनाजो के तुलना में ज्यादा चलन नही है परन्तु यह पुराने समय में अनाजो का राजा हुआ करता था। इस अनाज में भरपूर प्रोटीन और मिनरल्स होते है इतना ही नही इस अनाज में जरुरी पोषक तत्व पाए जाते है,यही कारण है की इसे शारीरिक समस्याओ में उपयोग करना फायदेमंद होता है। बार्ली के फायदे बहुत से होते है।

 

बार्ली के फायदे_Barley

 

बार्ली के फायदे:

इसका उत्पादन प्राचीन समय से किया जा रहा है.इसमें कई विटामिन मिनरल्स पाए जाते है.बार्ली के निम्नलिखित फायदे है:

सर्दी-जुकाम में लाभदायक:

मोसम कभी भी बदलता रहता है ऐसे में बच्चे हो या बड़े सभी को सर्दी जुकाम होने लगता है।इससे छुटकारा पाने के लिए बार्ली बहुत फायदेमंद होता है,बार्ली को घी में मिलाकर खाने से जुकाम,खासी रोग में लाभदायक होता है। बार्ली के काढ़े को पीने से प्रतिस्याय में लाभ होता है।

सांस लेने की तकलीफ में लाभदायक:

सांस लेने की तकलीफ ज्यादातर बढती उम्र के लोगो में देखा जाता है,इस तकलीफ से राहत पाने के लिए बार्ली के सुत्त को मधु में मिलाकर सेवन करना चाहिए,इसका परिणाम लाभदायक होता है।

पेट दर्द में लाभदायक:

आमतोर पर लोग रोज रोज सादा खाना खा के उभर जाते है,और मसालेदार खाना खाने की इच्छा रखते है ऐसे में उनके जुबान में स्वाद तो आता है परन्तु स्वास्थ जैसे की पेट दर्द देने लग जाता है या कभी कभी समय पर भोजन नही खाने से भी यह समस्या होने लगती है,गैस हो जाना,पेटदर्द करना आदि से राहत के लिए बार्ली के आटे में मुठा मिलाकर पेट पर लेप लगाना चाहिए।इससे पेट की समस्याएं से जल्द राहत मिलता है।

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डायबिटीज में कन्ट्रोल:

आजकल तनाव भरी जिंदगी में कई लोग डायबिटीज का शिकार होते जा रह है।मधुमेह में बार्ली से बने हुए विविध प्रकार के आहार का सेवन करना चाहिए।बार्ली का काढा बना कर भी प्रतिदिन पीने से डायबिटीज में कन्ट्रोल होता है।

मोटापा को कम करने में करता है मदद:

बार्ली का दलिया खाने से बढ़ता वजन कम होता है,इसलिए मोटापा कम करने के लिए बार्ली के दलिए का सेवन करना चाहिए। बार्ली में बीटा-ग्लुकोन,रेजिस्टेंट स्टार्च,टोकोल्स,दाय्त्री फाइबर पाए जाते है,यह सभी तत्व की मोजुदगी के कारण बार्ली वजन घटाने में मदद करता है।

गर्भावस्था में लाभदायक:

गर्भावस्था में बार्ली के फायदे, बार्ली में कैल्शियम,आयरन,फोलिक एसिड यह सब तत्व पाए जाते है,जो गर्भवती महिलाओ के लिए लाभदारी होता है। गर्भवती महिलाओं का इसके आटे की रोटी या दलिया बना कर इसे खाना चाहिए।परन्तु उन्हें एक बार डोक्टोरो से भी खान पान की चीजे पूछ कर सेवन करना चाहिए।

बार्ली के उपयोग:

बार्ली का कई तरह से सेवन किया जाता है,बार्ली के निम्नलिखित उपयोग होते है:

  • बार्ली के बीजो से बार्ली का सूप बना कर इसका सेवन करते है।
  • बार्ली सब्जियों के सलाद के रूप में भी खाया जा सकता है।
  • बार्ली का दलिया बनाकर नाश्ते में खाया जा सकता है।
  • बार्ली की आटे की रोटियां भी बनाई जाती है।
  • बार्ली की पत्तियों से बार्ली का जूस बनाया जाता है।
  • बार्ली के आटे से ब्रेड भी बनाया जा सकता है और इसका सेवन करना आम ब्रेड से लाभदारी माना जाता है।

बार्ली के नुकसान:

जिस तरह हमने बताया बार्ली के फायदे बहुत से है,परन्तु इसके कुछ नुकसान भी होते है जिसे हमको जान लेना चाहिए:

  • बार्ली में उच्च मात्रा में पोटाशियम पाया जाता है,इसलिए बार्ली का ज्यादा सेवन नही करना चाहिए इससे पेट में दर्द और उलटी की समस्या हो सकती है।

 

  • इसमें आयरन भी भरपूर मात्रा में होता है,आयरन सेहत के लिए अच्छा तो होता है परन्तु अधिक आयरन शारीर के लिए नुक्सान पंहुचा सकता है,इससे थकान कमजोरी बाल झड़ना आदि की समस्या हो सकती है,इसलिए इसका सेवन अधिक नही करना चाहिए।

 

  • बार्ली में फाइबर की मात्रा होती है,जो चर्बी को कम करने में मदद तो करता है परन्तु अधिक फाइबर पेट में सुजन का कारण बन सकता है।

 

  • बार्ली का सेवन करने से मोटापा घटता तो है परन्तु अधिक सेवन करने से यह वजन बढ़ा सकता है।

 

अंतिम शब्द: बार्ली के फायदे

जैसा की हमने बार्ली के बारे में जाना, बार्ली के उपयोग बार्ली के फायदे और उसके नुकसान। इससे हम यही कह सकते है की बार्ली बहुत ही फायदेमंद अनाज है परन्तु इसके कुछ नुकसान भी है,पर नुकसान तभी है जब हम इसका सेवन अधिक करे।हमे इसका सेवन न तो अधिक ज्यादा करना चाहिए और न ही अधिक कम। बार्ली में बहुत से तत्व होते है जो की लाभदायक होते है पर इसके तत्व अधिक भी है।

बार्ली में जो तत्व मोजूद है वह शारीर के लिए लाभदारी तो है परन्तु इसके तत्व शारीर के लिए अधिक मात्रा में नही होना चाहिए।इसलिए इसका सेवन करते समय यह ध्यान रहना चाहिए की हमे इसका सेवन अधिक नही करना है और अगर सेवन करने से थोड़ी भी तकलीफ हो तो उसका सेवन ही नही करना है। उम्मीद करते है आपको यह बार्ली की जानकारी पसंद आई हो।

 

FAQ:

1. बार्ली क्या है?

यह एक पोष्टिक अनाज है।

2. बार्ली का क्या क्या बनता है?

बार्ली ब्रेड,बार्ली की रोटी,बार्ली का जूस,बार्ली का दलीया,बार्ली का सलाद।

3. बार्ली को और किस नाम से जानते है?

बार्ली को संस्कृत भाषा में “यव” कहते है,अंग्रेजी में “बार्ली” कहते है और हिंदी में जौ कहते है।

4. बार्ली का अधिक सेवन करने से क्या होता है?

बार्ली का अधिक सेवन स्वास्थ के लिए अच्छा नही होता इसका सेवन उच्च मात्रा में करना चाहिए।

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