12वीं के बाद आईएएस या UPSC की तैयारी कैसे करें? 12th Ke Baad IAS Ki Taiyari

अगर आप भी अभी 12th क्लास में है या आपने अभी अभी 12th क्लास पास की है, और अगर आप सिविल सर्विस में जाना चाहते है और जानना चाहते हैं की 12वीं के बाद आईएएस या UPSC की तैयारी कैसे करें? तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए है यहां आपको यूपीएससी के बारे में जानकारी दी जाएगी, जैसे की यूपीएससी में कितने प्रकार के एग्जाम होते है? कितने अंको के होते हैं? से अपनी तैयारी शुरू कर सकते हैं? और भी यूपीएससी से लेकर आपके कॉन्सेप्ट क्लियर किए जाएंगे!

12वीं के बाद आईएएस या UPSC की तैयारी कैसे करें?

यूपीएससी की तैयारी करने से पहले आपको पता होना चाहिए कि इसका एग्जाम पैटर्न क्या होता? इसमें किस किस प्रकार के विषय होते है? 

यूपीएससी में किस प्रकार से एग्जाम होते है? या कितने स्टेज होते है?

यूपीएससी में तीन स्टेज होते है। और इनमे 2 प्रकार के एग्जाम होते है।

  • सी सेट
  • प्री एग्जाम और मैंस एग्जाम
  • इंटरव्यू

इसमें में भी 2 तरह के एग्जाम होते है। एक सी सेट का एग्जाम होता है जो कि ऑब्जेक्टिव प्रकार का होता है मतलब कि आपको इसमें OMR शीट में सही विकल्प भरना होता है। इसमें सारे क्वेश्चन मैथ और रीजनिंग के होते हैं। अगर आप सी सेट का पेपर पास कर लेते है तो आप यूपीएससी परीक्षा के अगले चरण में जाते है। सी सेट पास करने के आपको इस पेपर में 33% लाने होते है अगर आप 33%ले आते है तो आप अगले चरण में पहुंच जाते है।

प्री एग्जाम

जब आप सी सेट पास कर लेते है तो आपको प्री एग्जाम देना होता है। इसमें आपको राजनीति विज्ञान, भूगोल, सामान्य विज्ञान, इतिहास, समसामयिकी मुद्दे, इकोनॉमी, नीति शास्त्र,पर्यावरण, इकोलॉजी से सम्बन्धित क्वेश्चन पूछे जाते है। इस एग्जाम को पास करने के लिए आपको जितनी कट ऑफ जाती है मतलब कि न्यूनतम नंबर लाने होते है। अगर आप न्यूनतम नंबर प्राप्त कर लेते है तो आप यूपीएससी परीक्षा के अगले चरण मतलब की मैंस एग्जाम में जाते है।

मैंस एग्जाम

इस एग्जाम में आपको सब्जेक्टिव रूप से उतर लिखने होते है। इसमें 9 पेपर होते है। जो आपको सब्जेक्टिव रूप में लिखने होते है। इन पेपर में 180से 200 क्वेश्चन आते है।

पहला पेपर – पहला पेपर भारतीय भाषाओं की सूची में से आप किसी भी भाषा में दे सकते है। वो आपकी रुचि पर निर्भर करता है। यह पेपर 300 अंको का होता है। यह पेपर केवल आपको पास करना होता है। इसके अंक आपके फाइनल रिजल्ट में नहीं जुड़ते लेकिन आप जब इस पेपर को क्लियर करेंगे तभी आप आगे जा पाएंगे। इसलिए ये पेपर भी काफी महत्वपूर्ण होता है।

दूसरा पेपर – दूसरा पेपर अंग्रेजी भाषा का होता है इसमें आपसे अंग्रेजी से सम्बन्धित 180 से 300 क्वेश्चन पूछे जाते हैं। और ये लगभग 300 अंको के होते हैं। इसके भी अंक आपके फाइनल रिजल्ट में नहीं जुड़ते। लेकिन ये भी पेपर भी आप क्लियर करना होता है इसके बाद ही आप आगे के चरण में जाते है।

तीसरा पेपर – तीसरा पेपर निबन्ध का होता है। अगर आप अंग्रेजी माध्यम से है तो आपको ये अंग्रेजी में देना होता है और अगर आप हिंदी माध्यम से है तो आपको यह पेपर हिंदी भाषा से देना होता है। यह पेपर 2 खंड में होता है। प्रत्येक खंड में आपको एक विषय पर निबन्ध लिखना होता है। यह पेपर 250 अंको का होता है।

चोथा पेपर,पांचवा पेपर, छठा पेपर, और सातवा पेपर – ये सभी पेपर जनरल स्टडी से सम्बन्धित होते है।  इन पेपर में आपको भूगोल, राजनीति विज्ञान, सामान्य विज्ञान, इतिहास, पर्यावरण, अर्थशास्त्र, समाज शास्त्र नीति शास्त्र, तकनीकी, समसामयिक विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते है। इनमे से हर प्रकार का पेपर 250 अंको का होता है।

आठवां और नवा पेपर – ये दोनों पेपर ऑप्शनल विषय के होते हैं। मतलब कि आप अपनी रुचि अनुसार अपने विषय का चुनाव कर सकते है। जैसे आप अगर भूगोल से देना चाहते है तो आपके ये दोनों पेपर भूगोल के होंगे। ऐसे बहुत सारे विषय है जिन्हे आप चुन सकते हैं। जैसे राजनीति विज्ञान,इतिहास,हिंदी साहित्य समाज शास्त्र, नीति शास्त्र, केमिस्ट्री, फिजिक्स, मैथ आदि।

इस प्रकार मैंस एग्जाम 250+250× 4+ 250×2 =1750 अंको का होता है।

इंटरव्यू

जब आप मैंस एग्जाम पास कर लेते है तो आपको इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। जिसमें बोर्ड मेंबर के द्वारा आपका पर्सनैलिटी टेस्ट होता है। जहां पर आपसे कुछ सवाल पूछे जाते है। और आपको उन सवालों का उत्तर देना होता है।

इंटरव्यू 750 अंको का होता है। और इंटरव्यू और मैंस एग्जाम में अंक जुड़कर आपका फाइनल रिजल्ट बनता है। जो यह तय करता है कि आपका चयन किस पद पर होता है।

यूपीएससी परीक्षा देने के लिए क्या योग्यता चाहिए?

यूपीएससी परीक्षा देने के लिए आपको किसी भी मान्यता प्राप्त विश्व विद्यालय से ग्रेजुएशन करना होता है। आप चाहे तो B.A कर सकते है या फिर B. Com भी कर सकते है या आप चाहे तो B. SC भी कर सकते है।

इसके कोई जरूरी नहीं है कि आप अपने सब्जेक्ट में टॉप करे आपको बस अपनी क्लास पास करनी होती है।

जब आप अपने कोर्स के फाइनल ईयर में होते है तो आप प्री एग्जाम दे सकते है। लेकिन जब आपका मैंस एग्जाम हो तो आपके पास फाइनल कि डिग्री होनी चाहिए।

यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कैसे करे?

जब भी आप यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने के सोचे तो आपको सबसे पहले NCERT बुक पढ़नी होती है। NCERT पढ़ने से किसी विषय के लिए आपकी अवधारणा क्लियर होती है। किसी विषय को समझने की नीव रखी जाती है। इसलिए सभी यूपीएससी टॉपर द्वार NCERT पढ़ने की सलाह दी जाती है।

NCERT पढ़ने के बाद क्या करे?

जब आप NCERT पढ़ लेते है। तो आपका किसी विषय को लेकर कॉन्सेप्ट क्लियर हो जाता है। आप उस विषय को आसानी से समझ पाएंगे।

इसके बाद आपको प्रत्येक विषय की एक रेफरेंस बुक पढ़नी होती है। जैसे मॉडर्न इतिहास के लिए सेपक्ट्रम, भूगोल के लिए माजिद हुसैन, राजनीति विज्ञान के लिए लक्ष्मीकांत आदि इस प्रकार से आपको जो सही लगे वो बुक आप खरीद सकते है।

जहां तक ध्यान रखे कि एक विषय की एक बुक ही रखे। क्योंकि अधिक बुक्स होने से अनिश्चितता होती है।

समसामयिकी मुद्दे कहां से पढ़े?

यूपीएससी परीक्षा में समसामयिकी मुद्दे एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है। समसामयिकी मुद्दे किसी भी प्रकार के विषय में आ सकता है।

इसलिए उनको पढ़ना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।

इसके लिए आपको कुछ महतवपूर्ण न्यूज पेपर पढ़ने होते है। जैसे the Hindu, Indian Express, या फिर आप किसी मंथली मेगनिज को फॉलो कर सकते है।  

जैसे क्रोनॉलजी, मूमल, The Vision, या दृष्टि की मंथली मेगनीज को भी आप फॉलो कर सकते है।

लेखन अभ्यास कैसे करे?

जब भी आप किसी विषय को पढ़ रहे हैं, और उस विषय में आपने किसी एक टॉपिक को पूरा कर लिया है, तो उस टॉपिक को अपनी भाषा में लिखने की पूरी कोशिश करें। जिससे कि आप की भाषा शैली, आपके लेखन शैली में सुधार होगा। आपके लिखने की क्षमता बढ़ेगी, और जैसे-जैसे आप की तैयारी होते जाए आपको ऐसा लगे कि मेरी तैयारी हो रही है।

तो आपको किसी भी एक कोचिंग संस्थान, या किसी भी एक वेबसाइट की टेस्ट सीरीज जॉइन कर लेनी चाहिए। वहां पर लिए जाने वाले टेस्ट को आपको देना चाहिए, जिससे कि आपको हमेशा यह पता लगता है कि, आपकी कितनी तैयारी हो रही है, और आपको अभी और कितनी मेहनत की आवश्यकता है। और आपने कौन-कौन सी गलतियां की है, उन गलतियों को पहचाने और उन गलतियों को अपनी फाइनल एग्जाम में ना करने की कोशिश करें उसका अभ्यास करें।

यूपीएससी परीक्षा को बेहतर समझने के लिए क्या करे?

जब आपकी तैयारी लगभग पूर्ण हो जाए, और आपको लगे कि मेरी तैयारी सही दिशा में चल रही है, तो आपको यूपीएससी द्वारा लिए गए 10 सालों के पेपर देख लेने चाहिए। उन पेपर को सॉल्व करने की कोशिश करनी चाहिए। आप इसके लिए एक क्वेश्चन बैंक खरीद सकते हैं, जिसमें आपको प्रत्येक विषय के 10 साल के क्वेश्चंस मिल जाते हैं। उनका सलूशन मिल जाता है। तो आप पहले उस क्वेश्चन को अपने अनुसार लिखें, फिर उसको क्वेश्चन बैंक में मिलाएं। कि आपने कौन-कौन सी गलतियां की है। और अगर आप क्वेश्चन को सही कर रहे हैं। तो इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा, और आप अपनी तैयारी को एक बेहतर दिशा में निरंतर जारी रख पाएंगे।

और इसी से आपको एक और लाभ होगा कि आपको समझ आएगा कि यूपीएससी किस प्रकार से प्रश्न पूछता है?

इस आर्टिकल से हमने क्या जाना?

आपने इस आर्टिकल को शुरू से अंत तक पढ़ा तो आपने इस आर्टिकल से यह संपूर्ण जानकारी प्राप्त की कि 12वीं के बाद आईएएस या UPSC की तैयारी कैसे करें? यूपीएससी का एग्जाम का पैटर्न क्या है? प्री एग्जाम में कितने पेपर होते हैं? मेंस एग्जाम में कितने पेपर होते हैं? इंटरव्यू कितने नंबर का होता है? मेंस एग्जाम के पेपर है वह कितने कितने नंबर के होते हैं? ऑप्शनल सब्जेक्ट क्या होता है? यूपीएससी की तैयारी करते समय हमें शुरुआत कहां से करनी चाहिए? यूपीएससी परीक्षा को लेकर जो गलत अवधारणाएं बनी हुई है उन सब अवधारणाओं को भी हमने इस आर्टिकल में स्पष्ट किया।

उम्मीद है कि आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। कोई भी परीक्षा कठिन या आसान नहीं होती फर्क होता है हमारी सोच का कि हम सकारात्मक सोचते हैं या नकारात्मक सोचते हैं। हमारे आसपास के लोगों का जो हमें प्रेरित करते हैं, या हमारे विश्वास को कमजोर बनाते हैं। तो आपको हमेशा ऐसे लोगों के साथ में रहना चाहिए जो कि आप को प्रेरित करें। आगे बढ़ने की हमेशा प्रेरणा दें। मेहनत का कोई विकल्प नहीं है अगर आप निरंतर मेहनत करेंगे तो 1 दिन सफल जरूर होंगे। आप ये आर्टिकल पढ़ रहे हैं, इसका मतलब कि आप यूपीएससी की तैयारी करना चाहते हैं, आप की तैयारी के लिए बहुत सारी शुभकामनाएं!

इस आर्टिकल को अपने फ्रेंड्स के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और आपके फ्रेंड भी यूपीएससी का एग्जाम देना चाहते हैं और उन्हें इसके लिए जानकारी चाहिए तो यह आर्टिकल उनकी काफी सहायता कर सकता है। आर्टिकल पढ़ने के लिए धन्यवाद!

FAQs

क्या यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए कोचिंग करना आवश्यक है?

जब भी आप किसी व्यक्ति को यह बताते हैं कि आप यूपीएससी का एग्जाम देना चाहते हैं, तो वह व्यक्ति यही कहेगा कि यूपीएससी का एग्जाम बहुत बड़ा है, और इसके लिए आपको महंगी कोचिंग करनी होती है। तो मैं आपको बता दूं ऐसा कुछ भी नहीं है। यह केवल एक अवधारणा है कि यूपीएससी की परीक्षा पास करने के लिए कोचिंग अनिवार्य है। किसी भी परीक्षा को पास करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण जो वस्तु होती है वह होता है हमारा स्वाध्याय, हमारी मेहनत। अगर हम मेहनत करते हैं तो यूपीएससी या कोई भी एग्जाम हम अपनी  Self-Study से भी पास कर सकते हैं। हालांकि अगर आप कोचिंग करते हैं तो आपकी इस मेहनत को कोचिंग संस्थान के द्वारा कम कर दिया जाता है। आपको कोचिंग संस्थान के द्वारा एक उचित मार्गदर्शन दे दिया जाता है। यह लाभ ही एक कोचिंग संस्था का है इसके अलावा कोई भी योगदान कोचिंग संस्थाओं का नहीं होता।

क्या टॉपर्स ही यूपीएससी परीक्षा पास कर पाते है?

आपने बहुत लोगों से सुना होगा कि यूपीएससी का एग्जाम इंडिया का सबसे बड़ा एग्जाम है इंडिया का सबसे हार्ड एग्जाम में से एक है। इस एग्जाम को केवल एक टॉपर ही क्लियर कर पाता है। प्रत्येक विद्यार्थी के वश की बात नहीं है। तो यह अवधारणा भी बहुत ही गलत है कि टॉपर ही यूपीएससी का एग्जाम क्लियर कर पाता है। किसी भी एग्जाम को क्लियर करने के लिए सबसे जरूरी होती है मेहनत। मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। जो व्यक्ति जितनी मेहनत करेगा वह यूपीएससी परीक्षा को पास कर लेता है। जिसकी लेखन शैली अच्छी है, जिसमें कौशल है  वह इस परीक्षा को जरूर पास कर लेता है। ऐसे बहुत सारे उदाहरण है जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की है, वह एक सामान्य विद्यार्थी थे लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से यूपीएससी को क्लियर किया है।

क्या यूपीएससी परीक्षा केवल वहीं पास कर पाते है जिनकी अंग्रेजी भाषा अच्छी हो?

यूपीएससी को लेकर भ्रम में से यह सबसे बड़ा भ्रम है कि यूपीएससी को केवल वही अभ्यर्थी क्लियर कर पाता है, जिसकी अंग्रेजी भाषा पर पकड़ अच्छी है। जो अंग्रेजी माध्यम से इस एग्जाम को देता है। तो यह अवधारणा बिल्कुल गलत है, कि एक अंग्रेजी माध्यम का विद्यार्थी की यूपीएससी को पास कर पाता है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में अगर हम परिणाम देखें तो हिंदी माध्यम से विद्यार्थियों का चयन बहुत ही कम हुआ है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चयन हुआ ही नहीं है। शायद अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी ज्यादा मेहनत करते होंगे, इसका एक कारण यह हो सकता है। तो इसलिए कोई जरूरी नहीं है कि अगर आपकी इंग्लिश अच्छी नहीं है, तो आप यूपीएससी परीक्षा पास नहीं कर पाएंगे, बिल्कुल कर पाएंगे लेकिन इसके लिए आपको मेहनत करनी होगी।

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